
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। राज्य में खरीफ मौसम 2026 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत हो गई है। मौसम विभाग ने इस साल एल नीनो के प्रभाव के चलते अनियमित या कम बारिश की संभावना जताई है, जो किसानों के लिए चिंता का विषय हो सकता है। ऐसे में यह योजना किसानों की मेहनत और लागत को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत 'सुरक्षा कवच' बनकर सामने आई है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए हर किसान को यह ध्यान में रखना होगा कि प्राकृतिक आपदा, ओलावृष्टि, जलभराव या अन्य कारणों से फसल को नुकसान होता है, तो उसकी सूचना 72 घंटे के भीतर दे दें। यदि किसान इस समय सीमा में जानकारी नहीं देते हैं, तो उनका बीमा दावा प्रभावित हो सकता है। सूचना देने के लिए किसान केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल कर सकते हैं, या कृषि विभाग, राजस्व विभाग, बैंक या बीमा कंपनी के पास संपर्क कर सकते हैं।
योजना के दायरे में धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, अरहर, मूंगफली, मूंग, उड़द और मोटे अनाज जैसे कोदो, कुटकी व रागी शामिल हैं। राज्य सरकार ने बाधित बोनी, रोपण में विफलता और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को भी बीमा सुरक्षा में शामिल किया है, जिससे किसानों को व्यापक कवर मिलता है।
पंजीयन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। जिन किसानों ने कृषि ऋण लिया है, वे संबंधित बैंक के माध्यम से अपना पंजीकरण सुनिश्चित कराएं। जो किसान ऋण मुक्त हैं, वे बैंक, लोक सेवा केंद्र (सीएससी), बीमा मध्यस्थों या स्वयं आधिकारिक पोर्टल pmfby.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।