
रायपुर। 500, 1000 के नोट बंद होने के बाद बाजार में नई करेंसी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। लोगों को घर खर्च चलाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रिटायर्ड इंजीनियर, आईएएस तक को मजबूरी में बच्चों का गुल्लक फोड़ना पड़ा। इसके बावजूद आर्थिक तंगी से परेशान लोग भी केंद्र के इस फरमान को देश हित में बता रहे हैं। ज्यादातर लोगों ने कालाधन रखने वाले भ्रष्ट लोगों की जल्द पहचान होने की बात कही।
छह बार चक्कर काटने पर भी एटीएम से नहीं मिली करेंसी विवेकानंद नगर निवासी बिजली विभाग के रिटायर्ड इंजीनियर ने कार्पोरेशन बैंक में दिक्कत बढ़ने की बात कही। छह बार एटीएम के चक्कर काटने के बाद भी उन्हें नई करेंसी नहीं मिल सकी। बैंक वालों ने रकम नहीं आने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। इसलिए उन्होंने अपनी पोती का गुल्लक तोड़ा। उसमें से 1500 निकले और किसी तरह काम चला।
आईएएस ने शेयर की किल्लत
एक आईएएस ने अपने बच्चों के गुल्लक फोड़ने के बाद सोशल मीडिया फेसबुक में उसकी तस्वीरें शेयर की। छत्तीसगढ़ शासन में बड़े पद पर बैठे अफसर के घर की तस्वीरों पर लोगों के कमेंट आते रहे। अफसर ने बच्चों के सारे गुल्लक फूटने की जानकारी दी। पीएम मोदी का फैसला ठीक, व्यवस्था गड़बड़ रिटायर्ड इंजीनियर प्रेम नारायण सोलंकी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का फैसला जरूर जनहित में है, लेकिन बैंकों में बरती जा रही लापरवाही आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है। एक बड़े फैसले के पहले कम से कम बैंकों में करेंसी की व्यवस्था करनी चाहिए थी। एकाएक कैश जाम होने से घरेलू अर्थ व्यवस्था डगमगा गई है।