
रायपुर। एक दिन पहले ही अभिनेता इरफान खान के दुनिया से स्र्खसत होने की खबर आई थी। इस दुख से लोग उबर भी नहीं पाए थे कि गुस्र्वार की सुबह एक और दुखद खबर बॉलीवुड से आई। अभिनेता ऋषि कपूर अब हमारे बीच नहीं रहे। ऋषि की मौत की खबर ने उनके प्रशंसकों को अंदर तक झकझोर दिया है। रायपुर के रहने वाले युवा कवि और उद्यमी दर्शन सांखला की यादें भी ऋषि से जुड़ी हैं। एक टीवी शो के सेट पर दोनों की मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के दौरान ऋषि ने दर्शन को एक बहुत बड़ी सीख भी दी थी, जिसे दर्शन आज भी आत्मसात करने की कोशिश में लगे हैं।
ऋषि कपूर के साथ अपनी एक तस्वीर दिखाते हुए रायपुर निवासी दर्शन सांखला बताते हैं कि मुंबई में मेरे मित्र संजय महाले जो कि एक इवेंट ऑर्गेनाइज हैं उनके माध्यम से मेरी ऋषि से साल 2017 में मुलाकात हुई थी। इस कार्यक्रम का नाम था ऋषि कपूर नाइट। इस कार्यक्रम के सेट पर मैं बैक स्टेज में ऋषि जी के साथ ही बैठा था। इस शो में कई बड़े गायक कलाकार भी मौजूद थे।
बैक स्टेज पर बैठे हुए ऋषि जी ने मुझसे मेरा नाम पूछा और पूछे कि मैं क्या करता हूं। मैंने उन्हें बताया कि मैं एक उद्यमी हूं और फिल्में बनाना चाहता हूं। उन्होंने मुझे कहा कि कभी भी पैसे के लिए फिल्में मत बनाना। अच्छी कहानियों पर काम करना जो समाज के लिए, लोगों के लिए महत्व रखती हों। फिल्में समाज में क्रांति लाने का प्रभावशाली माध्यम होती हैं, यह बात उन्होंने मुझे इस बातचीत के दौरान महसूस कराई।
उन्होंने मुझसे छत्तीसगढ़ की नक्सली समस्या पर भी बात की। वे समाज की विभिन्न् समस्याओं और ज्वलंत मुद्दों को लेकर काफी संवेदनशील थे। उनकी संवेदनशीलता उनकी बातों में झलकती थी। आज ऋषि जी की यह सीख बार-बार याद आ रही है। उनका चेहरा भी आखों के सामने उमड़ आ रहा है।