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छत्तीसगढ़ में हर साल सामने आ रहे ब्रेस्ट कैंसर के पांच हजार से ज्यादा मरीज, स्मोकिंग और शराब भी कारण

छत्तीसगढ़ में स्तन कैंसर के मामलों में बीते वर्षों के दौरान 18.5 प्रतिशत की चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बदलती आधुनिक जीवनशैली, देर से गर्भधारण, स्...और पढ़ें

By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 13 Oct 2026 09:18:49 AM (IST)Updated Date: Tue, 13 Oct 2026 09:40:55 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में हर साल सामने आ रहे ब्रेस्ट कैंसर के पांच हजार से ज्यादा मरीज, स्मोकिंग और शराब भी कारण
आंबेडकर अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ।- स्वयं

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। स्तन कैंसर को लंबे समय तक अधिक उम्र की महिलाओं की बीमारी माना जाता रहा, लेकिन अब यह धारणा तेजी से बदल रही है। छत्तीसगढ़ में कम उम्र की महिलाएं और युवतियां भी बड़ी संख्या में इस गंभीर बीमारी की चपेट में आ रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बदलती जीवनशैली, शारीरिक निष्क्रियता, देर से मातृत्व और धूम्रपान व शराब का बढ़ता चलन महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।

पहले जहां स्तन कैंसर के अधिकतर मामले 55 वर्ष से अधिक उम्र में देखे जाते थे, वहीं अब स्थिति बदल चुकी है। राजधानी रायपुर के आंबेडकर अस्पताल स्थित रीजनल कैंसर संस्थान के आंकड़े बताते हैं कि बीते तीन वर्षों में यहां एक हजार से अधिक स्तन कैंसर के मरीज पहुंचे। चिंताजनक तथ्य यह है कि इनमें से आधी से ज्यादा मरीज कम उम्र की युवतियां और महिलाएं थीं।


बदलती जीवनशैली और नशा बढ़ा रहा जोखिम

आंबेडकर अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, महिलाओं में शराब और धूम्रपान का बढ़ता चलन कैंसर का सीधा जोखिम पैदा कर रहा है। इसके अलावा तनाव, जंक फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी भी हार्मोनल संतुलन बिगाड़ती है। हालांकि, बीमारी के पीछे उम्र और जेनेटिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं।

देर से मातृत्व और स्तनपान में कमी

करियर को प्राथमिकता देने के कारण देर से विवाह और अधिक उम्र में पहली बार मां बनने का चलन बढ़ा है। इसके साथ ही कामकाजी व्यस्तता के चलते स्तनपान की अवधि में कमी आ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित और पर्याप्त स्तनपान न कराना भी स्तन कैंसर की आशंका को बढ़ाने वाले कारकों में शामिल है।

पांच वर्षों में 18.5 प्रतिशत बढ़े मामले

आंकड़ों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में वर्ष 2021 से 2025 के बीच स्तन कैंसर के मामलों में लगभग 18.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जहां 2021 में 5,050 नए मरीज और 2,172 मौतें दर्ज थीं, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 5,984 नए मामलों और 2,573 मौतों तक पहुंच गया।

लक्षणों की पहचान और समय पर जांच जरूरी

डॉ. गुप्ता का कहना है कि स्तन में किसी भी प्रकार की गांठ, त्वचा में सिकुड़न, आकार में बदलाव या असामान्य स्राव को नजरअंदाज न करें। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन समय पर जांच करवाकर इस बीमारी को शुरुआत में ही मात दी जा सकती है।