महादेव ऐप के सरगना सौरभ चंद्राकर को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड, मंगल को रायपुर में पेश करेगी सीबीआई
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महादेव सट्टेबाजी ऐप के संस्थापक सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय जांच ब्यूरो को दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर सौंप दिया। उसे रायपुर लाया जाएगा।
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 06:17:59 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 07:11:42 PM (IST)
सीबीआई की गिरफ्त में सौरभ चंद्राकर। - अर्काइवHighLights
- दिल्ली कोर्ट ने सौरभ चंद्राकर को सीबीआई की रिमांड पर सौंपा
- दो दिनों के भीतर रायपुर कोर्ट में आरोपित को करना होगा पेश
- संभवतः कल दिल्ली से रायपुर आएगी सीबीआई की टीम
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। देशभर में चर्चित और महादेव सट्टेबाजी ऐप मामले में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार और अधिक तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महादेव ऐप के संस्थापक सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में सौंपते हुए दो दिनों की ट्रांजिट रिमांड मंजूर कर ली है। इस महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम के बाद अब आरोपी को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर लाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
राउज एवेन्यू कोर्ट के आदेशानुसार, केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौरभ चंद्राकर को निर्धारित दो दिनों के भीतर रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष अनिवार्य रूप से पेश करना होगा। जांच एजेंसी अब सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा करते हुए आरोपी को सुरक्षित माध्यम से दिल्ली से सीधे रायपुर लेकर पहुंचेगी।
मंगलवार को किया जाएगा पेश
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संभवतः मंगलवार को ही सीबीआई की एक विशेष टीम सौरभ चंद्राकर को अपनी हिरासत में लेकर रायपुर पहुंचेगी। यहां पहुंचने के बाद उससे इस बहुचर्चित घोटाले से जुड़े तमाम वित्तीय लेन-देन, हवाला नेटवर्क, विदेशी संपर्कों और अन्य संलिप्त लोगों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
करोड़ों के अवैध सट्टे और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है पूरा मामला
गौरतलब है कि महादेव ऑनलाइन बुक ऐप के माध्यम से देश भर में करोड़ों रुपये के अवैध सट्टे, सट्टा संचालन और मनी लॉन्ड्रिंग का यह पूरा मामला लंबे समय से राष्ट्रीय सुर्खियों में बना हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय सहित विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियां इस बड़े आपराधिक नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई थीं। सौरभ चंद्राकर के विदेश में छिपे होने की सूचना मिलने के बाद इंटरपोल और अन्य अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक तथा कानूनी माध्यमों से उस पर शिकंजा कसा गया था।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में बढ़ी हलचल
अब जब मुख्य संस्थापक सौरभ चंद्राकर को ट्रांजिट रिमांड पर सीधे रायपुर लाया जा रहा है, तो इस बात की पूरी संभावना है कि इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आएंगे। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में भी इस कार्रवाई के बाद हलचल तेज हो गई है। रायपुर पहुंचने के बाद अदालत में पेशी और रिमांड के दौरान जांच के दायरे को और अधिक व्यापक बनाया जाएगा, जिससे इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य चेहरों बेनकाब होने की उम्मीद है।