• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

छत्तीसगढ़ में एल्यूमिनियम बर्तनों की खरीदी पर विवाद, केंद्र की रोक के बावजूद टेंडर जारी होने का आरोप

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों के स्वास्थ्य से समझौते का गंभीर आरोप एक बार फिर सामने आया है। आरोप है कि केंद्र सरकार और न्यायालय के स्पष्ट निर्...और पढ़ें

By Vakesh SahuEdited By: Akash Pandey
Publish Date: Sat, 13 Dec 2025 11:09:02 AM (IST)Updated Date: Sat, 13 Dec 2025 11:09:02 AM (IST)
छत्तीसगढ़ में एल्यूमिनियम बर्तनों की खरीदी पर विवाद, केंद्र की रोक के बावजूद टेंडर जारी होने का आरोप
एल्यूमिनियम बर्तनों की खरीदी पर विवाद

HighLights

  1. एल्यूमिनियम बर्तनों की खरीदी पर विवाद
  2. केंद्र की रोक के बावजूद टेंडर जारी होने का आरोप

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों के स्वास्थ्य से समझौते का गंभीर आरोप एक बार फिर सामने आया है। आरोप है कि केंद्र सरकार और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार ने एल्यूमिनियम बर्तनों की खरीदी की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कांग्रेस नेताओं ने प्रेसवार्ता में कहा कि एल्यूमिनियम के बर्तनों में भोजन तैयार करने के दुष्परिणाम वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हैं। इसी कारण सरकारी उपयोग पर रोक लागू की गई थी, लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा टेंडर जारी कर दिया गया।


कांग्रेस नेताओं ने बताया कि खेल सामग्रियों (स्पोर्ट्स किट) के टेंडर में अनियमितताओं के चलते सर्वोच्च न्यायालय ने पुनः टेंडर के आदेश दिए थे। वहीं केंद्र सरकार ने भी पीएम पोषण योजना के तहत एल्यूमिनियम के उपयोग से बचने के निर्देश जारी किए थे।

चुनिंदा फर्मों के लिए शर्तें तय करने का आरोप

विकास उपाध्याय ने आरोप लगाया कि शिकायतों में बार-बार जिन कंपनियों के नाम सामने आ रहे हैं, उनमें एनआर एसोसिएट्स, गणपति एंटरप्राइजेज और श्री राम क्रिएशन प्रमुख हैं। पिछले कई वर्षों से इन्हीं फर्मों को लगातार लाभ मिलता रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीकी आपत्तियों और अतिरिक्त शर्तों के नाम पर अन्य योग्य सप्लायरों को बाहर कर दिया जाता है।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें

कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले में निम्नलिखित मांगें रखीं कि-

स्वतंत्र उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन

सभी टेंडरों की पारदर्शी समीक्षा, कौन बाहर हुआ और क्यो

पीएम पोषण गाइडलाइन का कठोर पालन

मिलीभगत पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई, चाहे व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो

विभाग में सक्रिय कथित गठजोड़ का तत्काल विघटन

इसे भी पढ़ें- बस्तर ओलिंपिक-2025 के समापन समारोह में आज शामिल होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह