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छत्तीसगढ़ की सहकारी बैंकों में 7 जिलों की शाखाओं में 60 करोड़ का गबन, 63 पर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में किसानों के करीब 60 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है।

By Satish PandeyEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 14 Sep 2026 07:26:59 AM (IST)Updated Date: Mon, 14 Sep 2026 07:37:53 AM (IST)
छत्तीसगढ़ की सहकारी बैंकों में 7 जिलों की शाखाओं में 60 करोड़ का गबन, 63 पर कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में सहकारी बैंकों में किसानों के 60 करोड़ का गबन

HighLights

  1. अंबिकापुर की 7 शाखाओं में 32.61 करोड़ की हेराफेरी
  2. बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपये का घोटाला
  3. 50 क्लर्क और 13 शाखा प्रबंधकों पर कार्रवाई हुई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। छत्तीसगढ़ की सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में किसानों के करीब 60 करोड़ रुपये के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। प्रदेश के सात सहकारी बैंकों की अलग-अलग शाखाओं में किसानों के खाद-बीज और कर्ज से जुड़ी राशि में हेराफेरी की गई है। जांच के बाद 50 क्लर्क, लिपिक, लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटरों समेत 13 शाखा प्रबंधक या प्रभारी शाखा प्रबंधकों पर कार्रवाई की गई है।

अंबिकापुर में सबसे बड़ा घोटाला

जांच एजेंसी के मुताबिक गबन की सबसे बड़ी रकम जिला सहकारी बैंक अंबिकापुर की सात शाखाओं में सामने आई है। यहां करीब 32.61 करोड़ रुपये की हेराफेरी हुई है। इसके बाद छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक की बरमकेला शाखा में 18.13 करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया है।


जिला सहकारी बैंक रायपुर की छह शाखाओं में 5.66 करोड़, दुर्ग की दो शाखाओं में 2.11 करोड़, बिलासपुर की तीन शाखाओं में 28 लाख, राजनांदगांव की चार शाखाओं में 18 लाख और जगदलपुर की कोंडागांव शाखा में करीब 30 हजार रुपये के गबन की जांच चल रही है।

जांच में सामने आईं कई गड़बड़ियां

जांच में किसानों के कर्ज की राशि बैंक में जमा नहीं करने, दूसरे के नाम पर ऋण लेने, खाद-बीज के नाम पर नकद आहरण और कैश शॉर्टेज जैसी गड़बड़ियां सामने आई हैं। अंबिकापुर, बरमकेला समेत कई सहकारी बैंकों में हुए गबन की जांच ईओडब्ल्यू को सौंपी गई है, जबकि कुछ मामले पुलिस थानों में दर्ज हैं।

निगरानी व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

करोड़ों रुपये के गबन के बावजूद कार्रवाई का बड़ा हिस्सा क्लर्क, लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटरों तक सीमित रहने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। महज 13 शाखा प्रबंधकों पर ही कार्रवाई हुई है। इस पर सहकारिता मंत्री केदार कश्यप का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।