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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CG News: NHM कर्मचारियों के हड़ताल पर शासन सख्त... कटेगा वेतन, बर्खास्तगी की चेतावनी

अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 18 अगस्त के हड़ताल कर रहे एनएचएम कर्मचारियों के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। हड़ताल पर गए कर्मियों के खिलाफ ...और पढ़ें

By Abhishek RaiEdited By: Roman Tiwari
Publish Date: Sat, 30 Aug 2025 03:37:47 PM (IST)Updated Date: Sat, 30 Aug 2025 03:41:42 PM (IST)
CG News: NHM कर्मचारियों के हड़ताल पर शासन सख्त... कटेगा वेतन, बर्खास्तगी की चेतावनी
कर्मचारियों के हड़ताल पर शासन सख्त

HighLights

  1. सभी अनुपस्थितों की जानकारी भेजने व कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश
  2. 10 सुत्रीय मांगों को लेकर 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी
  3. जिलों के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों को आदेश कार्रवाई के लिए आदेश जारी

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर: राज्य शासन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अधिकारियों व कर्मचारियों के हड़ताल पर सख्त रूख अपनाया है। हड़ताल पर गए कर्मियों को इस माह की अनुपस्थिति अवधि का वेतन काटने और सेवा से बर्खास्त करने कारण बताओ नोटिस देने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) को आदेश जारी किया है।

हड़ताल को अवैध और अनुशासनहीन बताया गया है। स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 18 अगस्त से अनुपस्थित एनएचएम के सभी कर्मियों की जानकारी तत्काल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य कार्यालय में भेजा जाए। कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट उल्लेखित किया जाए कि उपस्थिति नहीं दिए जाने पर सेवा से पृथक किया जा सकता है। साथ ही कार्य नहीं वेतन नहीं कि सिद्धांत का पालन करते हुए अनुपस्थित अवधि का वेतन आहरित नहीं किया जाए।


प्रदेश के सभी सीएमएचओ को निर्देशों का सख्ती से पालने करने के निर्देश दिए गए हैं। एनएचएम के तहत प्रदेश में करीब 16,000 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनके हड़ताल का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ताला लटक गया है। छोटी-मोटी बीमारियों की जांच व इलाज के लिए मरीज व स्वजन आंबेडकर अस्पताल और एम्स जाने के लिए मजबूर हैं। अस्पतालों पर मरीजों का दबाव बढ़ने से डाक्टर भी परेशान हैं।

दस सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मी 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने कहा कि 10 सूत्रीय मांगों पर जब तक लिखित आदेश जारी नहीं होते, आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

कर्मियों की यह है मांगें

  • एनएचएम अधिकारियों व कर्मचारियों की संविलियन व स्थायीकरण
  • पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापन
  • ग्रेड पे का निर्धारण
  • कार्य मूल्यांकन व्यवस्था में पारदर्शिता
  • लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि
  • नियमित भर्ती में सीटों का आरक्षण
  • अनुकंपा नियुक्ति
  • मेडिकल व अन्य अवकाश की सुविधा
  • स्थानांतरण नीति
  • न्यूनतम 10 लाख कैशलेस चिकित्सा बीमा

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संचालक ने भी जारी किए थे आदेश, मांगी थी जानकारी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने भी 25 अगस्त को आदेश जारी कर सभी सीएमएचओ से अनुपस्थित कर्मियों की जानकारी मांगी थी। आदेश में कहा गया था कि 13 अगस्त को स्टेट हेल्थ सोसायटी की कार्यकारिणी समिति की बैठक में कर्मियों के अधिकांश मांगों पर निर्णय लिया गया था और आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे। फिर भी कई जिलों में कर्मचारी व अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे हैं, जो लाेकहित के विरूद्ध व अनुचित है।