
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। छत्तीसगढ़ के मेडिकल और डेंटल कालेजों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए पडेट सामने आया है। एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों के दूसरे राउंड की प्रवेश प्रक्रिया बुधवार से आधिकारिक तौर पर शुरू हो रही है। शिक्षा संचालनालय ने दूसरे राउंड की सीट आवंटन सूची जारी कर दी है, जिससे छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। विद्यार्थियों को अब 16 से 22 सितंबर तक अपने आवंटित कॉलेज में जाकर प्रवेश की सभी औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
इस चरण में कुल 2099 विद्यार्थियों को सीटें आवंटित की गई हैं। इनमें से 1084 विद्यार्थियों को पहली बार सीट मिली है, जबकि 1015 विद्यार्थियों ने अपने कॉलेज या कोर्स को अपग्रेड करने के लिए आवेदन किया था। हालांकि, इनमें से केवल 239 विद्यार्थियों का ही अपग्रेडेशन सफल हो सका है। शेष 776 विद्यार्थियों को पहले से आवंटित कॉलेज या पाठ्यक्रम में ही संतुष्ट होकर प्रवेश लेना होगा।
इस बार की प्रवेश प्रक्रिया में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है, जहां सरकारी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में निजी मेडिकल कॉलेजों की मैनेजमेंट सीटों का कटऑफ अधिक रहा है। मैनेजमेंट कोटे में अधिकतम 549 नीट स्कोर तक प्रवेश मिला है, जबकि नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में यह आंकड़ा 511 स्कोर तक सीमित रहा। इसके अलावा, एनआरआई कोटे के तहत भी निजी कॉलेजों में सीटें लगातार आवंटित की जा रही हैं।
निजी मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया नवा रायपुर स्थित आयुष विश्वविद्यालय से संचालित हो रही है, जबकि डेंटल कॉलेजों के लिए छात्रों को सरकारी डेंटल कॉलेज जाना पड़ रहा है। अलग-अलग जगहों पर प्रक्रिया होने के कारण दूर-दराज के जिलों से आने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश के छह निजी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की कुल 1300 सीटें हैं। इनमें 15 प्रतिशत यानी 192 सीटें एनआरआई कोटे के लिए आरक्षित हैं। पहले राउंड में 32 और दूसरे राउंड में भी 32 सीटों का आवंटन किया गया है। इस तरह अब तक एनआरआई कोटे में 64 सीटें आवंटित हो चुकी हैं।
पहले राउंड में एमबीबीएस की 2175 सीटें आवंटित हुई थीं। इनमें 1873 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया। बीडीएस की 385 आवंटित सीटों में 234 विद्यार्थियों ने प्रवेश प्रक्रिया पूरी की। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कालेज में आवंटित 204 सीटों में 184 पर प्रवेश हो चुका है। सरकारी डेंटल कालेज की 100 सीटों में 31 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया, जबकि निजी डेंटल कॉलेजों में 203 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।