रायपुर। निप्र
अज्ञानी लोगों का यह दुर्भाग्य है कि वे अपनी समस्याओं के निवारण के चक्कर में ढोंगी तांत्रिकों का सहारा लेते हैं। वास्तव में जिस तांत्रिक को तंत्र विद्या का सच्चा ज्ञान होगा वह भोलेभाले लोगों की भावनाओं के साथ कभी खिलवाड़ नहीं करेगा। तंत्र विद्या की यह पहली शर्त होती है कि इसके जरिए समाज के दुखी लोगों को राहत पहुंचाई जाए। यदि कथाओं की तरह तंत्र विद्या के बारे में प्रवचनों का आयोजन किया जाए तो लोगों में जागरूकता आएगी और वे ढोंगी तांत्रिकों के मायाजाल से बच सकेंगे। यदि आम जनता तंत्र के बारे में थोड़ी-बहुत भी जानकारी रखे तो कोई भी ढोंगी तांत्रिक किसी को ठग नहीं सकेगा। यह कहना है दिल्ली से आए तंत्र विद्या की कई पुस्तकों के लेखक तांत्रिक शशिमोहन बहल का। वे एक तंत्र साधना शिविर में शामिल होने रायपुर पहुंचे थे। नईदुनिया से खास बातचीत में उन्होंने तंत्र विद्या के अनेक पहलुओं पर राय रखी।
सवाल - आधुनिक समय में क्या तंत्र विद्या कारगर है या महज धोखा है?
जवाब - धर्म ग्रंथों में तंत्र विद्या का महत्व दर्शाया गया है। जो लोग रामायण, महाभारत, शिव पुराण या अन्य ग्रंथों के अस्तित्व को स्वीकारते हैं वे तंत्र विद्या को नकार नहीं सकते। जिस तरह किसी बीमारी को दूर करने दवाई का सेवन जरूरी है उसी तरह जीवन की कुछ समस्याएं ऐसी होती है, जिनका समाधान तंत्र विद्या में है, जिसे विधिवत किया जाए तो फल अवश्य मिलता है।
सवाल - तंत्र-मंत्र के नाम पर भोलेभाले लोगों को ठगा जा रहा है?
जवाब - कुछ ढोंगी हैं जो अपने आपको तांत्रिक बताकर लोगों को बेवकूफ बनाते हैं। उन्हें तंत्र विद्या की जानकारी नहीं होती। तंत्र विद्या का कोई भी उपाय 100 रुपए से ज्यादा खर्चीला नहीं है। लोग ढोंगी तांत्रिकों से सावधान रहें और अपनी समस्या का समाधान स्वयं करें।
सवाल - क्या तंत्र के जरिए कोई बड़ा आदमी बन सकता है अथवा शासन-प्रशासन चला सकता है?
जवाब - तंत्र मंत्र सिर्फ मार्ग में आने वाली रुकावटों या नजर दोष का समाधान कर सकता है। बड़ा आदमी बनना हुनर पर निर्भर है। यदि ऐसा होता तो हर तांत्रिक दुनिया पर राज करता। वर्तमान में ऐसा एक भी तांत्रिक दिखाई नहीं देता जिसने समाज के लिए कुछ योगदान दिया हो। संत-साधु अपने स्वार्थ के लिए दीक्षा पर जोर दे रहे हैं, जबकि दीक्षा के बजाय पहले सही शिक्षा दी जाए तो आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होगा।
सवाल - नेता, अभिनेता तांत्रिकों से काम निकलवाते हैं, क्या आप भी बड़े लोगों को सलाह देते हैं?
जवाब - कोई अभिनेता, राजनेता मेरे जीवन में नहीं आया। आम लोगों को बिना पैसे लिए साधारण उपायों से समस्या का समाधान बताना चाहिए। किसी को बेवकूफ बनाकर लूटना तंत्र विद्या का अपमान करना है।
सवाल - तंत्र के नाम पर होने वाली लूट कैसे रुकेगी?
जवाब - सबसे पहले ऐसे तांत्रिकों के पास ना जाएं, जो हजारों रुपए ऐंठकर उपाय बताने का ढोंग करते हैं। स्वयं तंत्र-मंत्र की किताबें पढ़ें तो पता चल जाएगा कि तंत्र विद्या कितनी सहज और सरल है। स्वयं पढ़कर लोग दूसरों को भी ठगे जाने से बचा सकते हैं।
11 जनवरी, श्रवण शर्मा, 02- संतोष
समय - 8.55 बजे