
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में एक लाख या उससे अधिक आबादी वाले नगरीय निकायों के आसपास के गांवों को शहरों में शामिल किया जाएगा। केंद्र सरकार ने 16वें वित्त आयोग के तहत ‘शहरीकरण प्रीमियम घटक’ शुरू किया है। इसके तहत नगरीय निकायों में शामिल किए जाने वाले नए क्षेत्रों की वर्ष-2011 की जनगणना के आधार पर प्रति व्यक्ति दो हजार रुपये का एकमुश्त अनुदान मिलेगा। इससे नए क्षेत्रों में क्षमता निर्माण और जरूरी व्यवस्थाएं विकसित की जाएगी।
योजना को प्रदेश में लागू करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने राज्य स्तरीय विभागीय समिति गठित की है। समिति पात्र नगरीय निकायों और उनके आसपास के ऐसे गांवों की पहचान करेगी, जिनका शहर में विलय उचित और आवश्यक है। इसके साथ ही योजना को लागू करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
गांवों को नगरीय निकाय में शामिल करने के बाद शहर के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जाएगी। इसके लिए समिति तीन वर्ष की बदलाव योजना तैयार करेगी। इसमें नए क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल सहित जरूरी मूलभूत सुविधाओं के विकास, चरणबद्ध कर वसूली और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की रूपरेखा तय की जाएगी। केंद्र से अनुदान प्राप्त करने के लिए तय शर्तों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
ग्राम पंचायतों से नगरीय निकायों में शामिल होने वाले क्षेत्रों के सरकारी अभिलेख, संपत्तियों और दायित्वों के हस्तांतरण के लिए अलग नीति बनाई जाएगी। इसके लिए मानक प्रक्रिया तय की जाएगी, ताकि गांव के शहर में शामिल होने के बाद प्रशासनिक कामकाज में किसी तरह की परेशानी न हो।
राज्य सरकार ने योजना के लिए छह सदस्यीय समिति बनाई है। अपर संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास इसके अध्यक्ष होंगे। मुख्य अभियंता, संयुक्त संचालक और राज्य शहरी विकास अभिकरण के अधीक्षण अभियंता सदस्य होंगे। उप संचालक (विविध शाखा) सदस्य तथा कार्यपालन अभियंता सदस्य सचिव होंगे। समिति गांवों और नगरीय निकायों के चयन से लेकर योजना लागू करने तथा केंद्र से अनुदान प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी।
शहरीकरण प्रीमियम घटक के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय विभागीय समिति का गठन किया गया है। गांवों के चिन्हांकन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। शहरी निकायों में शामिल होने से गांवों में तेजी से बुनियादी सुविधाओं का विकास होगा। - नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर, संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग