
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर/भाटापारा। छत्तीसगढ़ में सक्रिय मानसून ने इस बार अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इस बारिश की मार शिवनाथ नदी के जलस्तर पर पड़ी है, जो अब खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। नदी के उफान पर होने के कारण भाटापारा के समीप स्थित समरिया घाट पुल पर पानी की चादर चल रही है, जिसके चलते प्रशासन ने एहतियातन आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है।
भाटापारा, नारायणपुर, मारो और बिलासपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित समरिया घाट पुल,पानी के तेज बहाव में डूब चुका है। शहर से मात्र सात किलोमीटर दूर स्थित यह पुल डूबने से इन क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। यात्रियों और स्थानीय निवासियों को अब लंबी दूरी के वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। निचले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थानीय रेस्क्यू टीमों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि जब तक जलस्तर कम नहीं होता और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक किसी को भी पुल या एनीकट पार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे साहस दिखाने के बजाय सावधानी बरतें। नदी के उफान को देखने या पार करने का प्रयास करना जानलेवा हो सकता है। साथ ही, सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा गया है। राहत कार्यों के लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटा लिए गए हैं ताकि यदि स्थिति और बिगड़े, तो तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके। प्रकृति की इस मार के बीच, प्रशासन और जनता दोनों ही मौसम के मिजाज पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।