Shramik Special Trains : रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। सूरत से बिहार के दरभंगा जिले जा रही ट्रेन शाम को सात बजे के लगभग रायपुर पहुंची। श्रमिकों के लिए प्लेटफॉर्म पर खाने के पैकेट रखे गए थे। ट्रेन आते ही श्रमिकों में एक से अधिक पैकेट लेने की होड़ मच गई। आधे घंटे बाद ट्रेन यहां रवाना हुई। रात नौ बजे पुणे स्पेशल श्रमिक ट्रेन से 37 श्रमिक रायपुर में उतरे। यहां से उन्हें विभिन्न जिलों के क्वारंटाइन सेंटर भेजा गया। इनमें रायपुर जिले के 20, कांकेर के एक, ओडिशा के तीन, महासमुंद के चार,जगदलपुर का एक, गरियाबंद का एक, नारायणपुर का एक और धमतरी के छह श्रमिक थे।
ट्रेन के स्टेशन पहुंचने पर शारीरिक दूरी का पालन करते हुए उन्हें दो-दो कोच से बारी-बारी से उतारा गया। मेडिकल टीम ने श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की। थर्मल स्क्रीनिंग और पल्स ऑक्सीमीटर से तापमान, पल्स एवं ऑक्सीजन सांद्रता की जांच की। श्रमिकों को रेलवे स्टेशन पर ही पैक्ड भोजन भी प्रदान किया गया। श्रमिक लाइन में लगकर शारीरिक दूरी बनाते हुए स्वास्थ्य परीक्षण के बाद स्टेशन से बाहर निकले। इसके बाद उन्हें विशेष बसों से उनके जिलों के क्वारंटाइन सेंटर भेज दिया गया। सभी श्रमिकों को हिदायत दी गई की वे 14 दिन क्वारंटाइन में रहें। ट्रेन आने के पहले प्लेटफार्म को सैनिटाइज किया गया।
टाटीबंध चौक पर मजदूरों के लिए तना तंबू, चलित शौचालय की भी व्यवस्था
देश के विभिन्न राज्यों से कामगारों के लौटने का सिलसिला लगातार जारी है। हजारों की संख्या में अब भी प्रवासी मजदूर रायपुर के टाटीबंध चौक से अपने राज्यों की सीमा तक पहुंच रहे हैं। मजदूरों को कोई समस्या न हो इसे लेकर समाजसेवी संगठन और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हैं। अब प्रशासन ने थके-हारे मजदूरों को राहत देने के लिए तंबू के साथ पंखे की भी व्यवस्था की है। साथ ही शौच के लिए आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन ने चलित शौचालय बनाया है।
दरअसल टाटीबंध चौक प्रवासीय मजदूरों का केंद्र बिंदू है। यहां से हजारों की संख्या में रोजाना प्रवासीय मजदूर गुजरते हैं। ट्रक और बसों के माध्यम से प्रवासीय मजदूरों को राज्य की सीमा तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक प्रवासीय मजदूरों को खाने-पीने की व्यवस्था ही मिल रही थी, लेकिन अब मजदूरों को रायपुर में सारी सुविधाएं मिल रही हैं। इससे मजदूरों के चेहरे में खुशी की लहर भी है। तेलंगाना में मजदूरी करने गए कोरबा के मंगलराम बताते हैं कि यहां तो पूरी व्यवस्था है। बाकी जगहों में बहुत ही दिक्कतें हैं। खाने-पीने की व्यवस्था तो है, लेकिन शौचायल की कोई व्यवस्था नहीं। यहां तो तंबू के साथ पंखे भी हैं, बाकी जगह में तो वह तंबू भी नहीं है।
तंबू के चारों ओर ब्लीचिंग पाउडर
राज्य में लगातार प्रवासीय मजदूरों के कोरोना संक्रमण के मामले आ रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने तंबू के चारों कोने के ब्लीचिंग पाउडर से सैनिटाइज किया हुआ है। वहीं ऐहतियात के तौर पर चारों कोनों को रस्सी से घेरा किया हुआ है, ताकि किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो। गुरुद्वारा कमेटी के अलावा अनेक समाजसेवी संगठन के लोग रोजाना खाने -पीने की व्यवस्था कर रहे हैं।