
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। रायपुर जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में विधायक निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की स्थिति असंतुलित नजर आ रही है। तुलनात्मक आंकड़ों में आरंग विधानसभा में खुशवंत साहेब सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं, जहां 50 में से 23 कार्य पूरे हो चुके हैं। वहीं रायपुर दक्षिण के विधायक सुनील सोनी सबसे पीछे है, जहां 143 स्वीकृत कार्यों में नौ ही पूरे हो पाए हैं और 140 कार्य अब भी अधूरे हैं।
रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा और पश्चिम विधायक राजेश मूणत की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। जिलेभर में कुल स्वीकृत कार्यों में 46 प्रतिशत कार्य अधूरे हैं, जबकि 29 प्रतिशत कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो सके हैं। इसके बावजूद निर्माण एजेंसियों को कुल स्वीकृत राशि का 50 प्रतिशत से अधिक भुगतान कर दिया गया है।
रायपुर दक्षिण विधानसभा में 143 कार्यों में से नौ पूरे हुए हैं, जबकि आरंग विधानसभा कार्य पूर्णता के मामले में सबसे आगे है। रायपुर उत्तर और पश्चिम में भी विकास कार्यों की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। स्थानीय लोग सड़क, सामुदायिक भवन जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी इंतजार कर रहे हैं। निर्माण एजेंसियों की सुस्ती और अफसरों की कमजोर मॉनिटरिंग के कारण विकास कार्यों की गति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। भुगतान और धरातल पर हुई प्रगति के बीच का यह बड़ा अंतर पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब समय आ गया है कि इन लंबित प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी तय की जाए ताकि जनता को उनका हक मिल सके।
रायपुर दक्षिण विधानसभा में विधायक निधि से 143 कार्य स्वीकृत किए गए थे, लेकिन इनमें से केवल नौ कार्य ही पूरे हो सके हैं। 140 कार्य अब भी अधूरे हैं, जबकि कोई भी बड़ा प्रोजेक्ट समय पर पूरा नहीं हुआ। इसके बावजूद 3.96 करोड़ रुपये की स्वीकृत राशि में से करीब 1.98 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। सातों विधानसभा क्षेत्रों में आरंग की स्थिति बेहतर दिखाई दे रही है। यहां 50 कार्यों में से 23 पूरे हो चुके हैं, जबकि 19 कार्य अधूरे और आठ प्रारंभ नहीं हुए हैं। आरंग में सबसे अधिक 2.94 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया है।
रायपुर उत्तर में 59 कार्य स्वीकृत हुए, लेकिन केवल छह कार्य पूरे हो सके हैं। यहां 43 कार्य अधूरे और 10 प्रारंभ नहीं हुए हैं। वहीं रायपुर पश्चिम में 47 में से केवल दो कार्य पूरे हुए हैं। पश्चिम विधानसभा में 17 कार्य अधूरे और 28 प्रारंभ नहीं हो पाए हैं। दोनों क्षेत्रों में करीब दो-दो करोड़ रुपये भुगतान के बावजूद विकास कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है।
रायपुर ग्रामीण में 45 कार्यों में से केवल पांच पूरे हुए हैं, जबकि 32 अधूरे हैं। अभनपुर में 79 कार्यों में 12 पूरे हुए और 58 अधूरे हैं। धरसींवा में 49 कार्यों में से 17 पूरे हुए, जबकि 19 अधूरे और 13 प्रारंभ नहीं हो सके। इन तीनों क्षेत्रों में भी भुगतान और कार्य प्रगति के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कार्य लंबे समय से अधर में लटके हुए हैं।
क्षेत्र- स्वीकृत कार्य- पूर्ण- अपूर्ण- अप्रारंभ- स्वीकृत राशि- भुगतान