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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Lemru Elephant Reserve: लेमरु हाथी रिजर्व के लिए राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

Lemru Elephant Reserve: अफसरों के अनुसार बाकी करीब 15 सौ वर्ग किलोमीटर वर्ग क्षेत्र से अधिक के लिए केंद्र सरकार से मौखिक सहमति ली गई

By Ravindra ThengdiEdited By: Ravindra Thengdi
Publish Date: Fri, 29 Oct 2021 09:15:00 PM (IST)Updated Date: Fri, 29 Oct 2021 09:15:11 PM (IST)
Lemru Elephant Reserve: लेमरु हाथी रिजर्व के लिए राज्य सरकार ने जारी की अधिसूचना

Lemru Elephant Reserve: रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के कोरबा और रायगढ़़ जिले के बीच स्थित लेमरु हाथी रिजर्व के लिए राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने केंद्र से अनुमति मिलने की उम्मीद में 1995 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र निर्धारित किया है। इसके दायरे में कोरबा, धरमजयगढ़, सरगुजा, कटघोरा वन मंडल आएंगे।

अधिसूचना के अनुसार हाथियों के प्राकृतिक रहवास व विचरण क्षेत्र का विशेष प्रबंध करने के लिए हाथी रिजर्व का क्षेत्र 1995.48 वर्ग किलोमीटर निर्धारित किया गया है।

इसमें से 450 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार की अनुमति मिल गई है। अफसरों के अनुसार बाकी करीब 15 सौ वर्ग किलोमीटर वर्ग क्षेत्र से अधिक के लिए केंद्र सरकार से मौखिक सहमति ली गई है। साथ ही प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है। अफसरों के अनुसार केंद्र से अनुमोदन प्राप्त होने की प्रत्याशा में अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचित क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक सहायता प्राप्त होती रहेगी। अधिसूचित क्षेत्र से कोई विस्थापित नहीं किया जाएगा।


भाजपा सरकार के शासन मेंं राज्य मंत्री परिषद ने 2019 में लेमरू हाथी रिजर्व बनाने का प्रस्ताव पर फैसला भी हो गया था। इस बीच तकनीकी कारणों से अधिसूचना जारी नहीं हो पाई थी। इस बीच हसदेव नदी में जल ग्रहण क्षेत्र के नाम पर इसके विस्तार का प्रस्ताव बना था। बता दें कि रिजर्व क्षेत्र में कोयला खनन की अनुमति दिए जाने को लेकर राज्य सरकार की आलोचना हो रही है। इसके विरोध में सरगुजा क्षेत्र के करीब तीन सौ आदिवासी पदयात्रा कर रायपुर आए थे।