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राजनांदगांव में 76 करोड़ के कागजी लेन-देन का खुलासा: बिना माल खरीदे ली 8.22 करोड़ की टैक्स छूट, कारोबारी गिरफ्तार

जांच में 76 करोड़ रुपये के कागजी लेन-देन और 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का मामला सामने आया है।

By Satish PandeyEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Wed, 24 Jun 2026 09:22:51 PM (IST)Updated Date: Wed, 24 Jun 2026 09:22:51 PM (IST)
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राजनांदगांव में 76 करोड़ के कागजी लेन-देन का खुलासा: बिना माल खरीदे ली 8.22 करोड़ की टैक्स छूट, कारोबारी गिरफ्तार
स्टेट जीएसटी ने कारोबारी आदेश्वर चौरड़िया गिरफ्तार किया

HighLights

  1. 76 करोड़ रुपये के कागजी लेन-देन का खुलासा
  2. 8.22 करोड़ की संदिग्ध आईटीसी जांच में मिली
  3. फर्जी बिलिंग नेटवर्क पर विभाग की बड़ी कार्रवाई

राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। राज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) ने कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राजनांदगांव स्थित मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक के संचालक आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया है। विभागीय जांच में फर्म से जुड़े करीब 76 करोड़ रुपये के कागजी लेन-देन और 8.22 करोड़ रुपये की संदिग्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का मामला सामने आया है।

जांच में सामने आया कि फर्म ने पिछले लगभग छह माह के दौरान आयरन और स्टील कारोबार के नाम पर करोड़ों रुपये के लेन-देन केवल दस्तावेजों में दिखाए। जीएसटी रिटर्न, बैंकिंग रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान विभाग को कई अनियमितताएं मिलीं।


बिना माल खरीदे लिए गए खरीद बिल, आईटीसी का लिया लाभ

विभागीय जांच के अनुसार, मैसर्स आदेश्वर ट्रेड लिंक ने पश्चिम बंगाल की कई संदिग्ध कंपनियों से वास्तविक माल खरीदे बिना करोड़ों रुपये के खरीद बिल प्राप्त किए। इन बिलों के आधार पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लिया गया।

जांच में यह भी सामने आया कि इस आईटीसी को आगे अन्य करदाताओं को भी हस्तांतरित किया गया। विभाग का मानना है कि इस प्रक्रिया के जरिए शासन को राजस्व नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।

कई सप्लायर फर्मों का GST पंजीयन पहले ही रद

राज्य कर विभाग ने जांच में पाया कि जिन आपूर्तिकर्ता फर्मों से खरीद दिखाई गई थी, उनमें से अधिकतर का जीएसटी पंजीयन पहले ही निरस्त हो चुका था। इन कंपनियों द्वारा वास्तविक व्यापार किए जाने के कोई ठोस प्रमाण भी नहीं मिले।

अधिकारियों के अनुसार, पूरा मामला पेपर ट्रेडिंग और बोगस आईटीसी नेटवर्क से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। इसमें माल की वास्तविक आवाजाही के बजाय केवल बिलों के माध्यम से कर लाभ लेने की कोशिश की गई।

बैंक खाते और परिवहन दस्तावेजों की हो रही जांच

पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद स्टेट जीएसटी विभाग ने आदेश्वर चौरड़िया को गिरफ्तार किया। अब विभाग बैंक खातों, ई-वे बिल, परिवहन दस्तावेजों और इस नेटवर्क से जुड़ी अन्य फर्मों की भूमिका की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।

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