
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, रायपुर। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के आश्वासन के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य मंत्री से बुधवार को इंटर्न डॉक्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्टाइपेंड में वृद्धि से जुड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा से जुड़े सभी विषयों के प्रति संवेदनशील है और इंटर्न डॉक्टरों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। स्टाइपेंड वृद्धि पर इसी माह सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। इसके लिए विभागीय स्तर पर भी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज के इंटर्न विद्यार्थी करीब बीस दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे थे। उनका कहना था कि विगत तीन वर्षों से स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई, रहने-खाने का खर्च और काम का दबाव लगातार बढ़ा है।
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अस्पतालों में 24 घंटे मरीजों की देखभाल, इमरजेंसी ड्यूटी, वार्ड प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। इतनी जिम्मेदारियों के बावजूद मिलने वाला मानदेय मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से काफी कम है। वर्तमान में मिल रहे 15,900 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड को 30 हजार करने की मांग थी। प्रदेश में करीब एक हजार इंटर्न हैं।