• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कनहर बांध में नए निर्माण पर लगी रोक, हाई लेवल कमेटी करेगी जांच

एनजीटी ने कनहर बांध के मुद्दे पर अंतिम निर्णय सुनाते हुए यूपी सरकार को किसी भी प्रकार का निर्माण न करने के आदे‍श दिए।

By Edited By:
Publish Date: Thu, 07 May 2015 08:47:10 PM (IST)Updated Date: Fri, 08 May 2015 09:28:31 AM (IST)
कनहर बांध में नए निर्माण पर लगी रोक, हाई लेवल कमेटी करेगी जांच

रायपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने गुरुवार को कनहर बांध के मुद्दे पर अंतिम निर्णय सुनाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को किसी भी प्रकार का नया निर्माण न करने के आदेश दिए हैं, हांलाकि पहले से चल रहे काम पर किसी किस्म की रोक नहीं लगाई गई है।

जस्टिस स्वतंत्र कुमार की बेंच ने सुनवाई करते हुए पहली बार छत्तीसगढ़ के प्रभावित क्षेत्रों को लेकर कठोर रुख इख्तियार किया है। कोर्ट ने कनहर को लेकर एक 10 सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है कोर्ट ने कहा है कि कोई भी नया निर्माण कमेटी की मंजूरी के बाद ही किया जा सकेगा। यह कमेटी इस बात का पता लगाएगी कि बांध निर्माण में पर्यावरण नियमों का पालन किया जा रहा है कि नहीं।


साथ ही पुनर्वास और विस्थापन के मुद्दे की भी छानबीन करेगी। कमेटी में छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंताओं के अलावा पर्यावरण मंत्रालय, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केन्द्रीय जल आयोग के अलावा आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों को शामिल किया गया है।

कोर्ट ने उत्तर प्रदेश को कनहर के मुद्दे पर नए सिरे से पर्यावरण मंजूरी लेने की भी सलाह दी है। गौरतलब है कि कनहर के मुद्दे पर पीयूसीएल की ओर से ओमदत्त सिंह और देबादित्यो सिन्हा ने ग्रीन ट्रिब्यूनल में वाद दाखिल किया था ।