• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • रायपुर

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रायपुर में शेल्टर हाउस तक के लिए नहीं खोज पाए डॉक्टर, डॉग बाइट पीड़ितों की हालत गंभीर; रेबीज के डर से खुदकुशी

Stray Dogs: आवारा कुत्ते अब राजधानी के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद जहां डॉग लवर्स राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं नगर निगम और प्रशासन...और पढ़ें

By Akash SharmaEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Mon, 25 Aug 2025 10:31:22 AM (IST)Updated Date: Mon, 25 Aug 2025 11:51:49 AM (IST)
रायपुर में शेल्टर हाउस तक के लिए नहीं खोज पाए डॉक्टर, डॉग बाइट पीड़ितों की हालत गंभीर; रेबीज के डर से खुदकुशी
Stray Dogs in CG: शेल्टर हाउस के लिए डॉक्टर तक नहीं खोज पाया निगम

HighLights

  1. आवारा कुत्तों का मुद्दा CG विधानसभा में भी उठा
  2. शेल्टर हाउस के लिए डॉक्टर तक नहीं खोज पाए
  3. हर दिन 100 से अधिक डॉग बाइट के मामले

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर: राजधानी में आवारा कुत्तों (Stray Dogs) का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर निगम उनकी रोकथाम के लिए बनाए गए शेल्टर हाउस (Shelter House) को चालू कराने के लिए अब तक डॉक्टर तक नहीं खोज पाया है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से सोनडोंगरी में तैयार हुआ डॉग शेल्टर पिछले दो साल से अधूरा पड़ा है। जबकि इस सेंटर में 150 कुत्तों को रखने, नसबंदी आपरेशन थिएटर और क्रीमेशन की सुविधा मौजूद है। संचालन के लिए एनजीओ का चयन भी हो चुका है, मगर चिकित्सकों की नियुक्ति न होने से यह अब तक शुरू नहीं हो सका है।

हर दिन 100 से अधिक डॉग बाइट केस

हालात यह हैं कि आंबेडकर और जिला अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के शिकार होकर पहुंच रहे हैं। बीते छह महीनों में मेकाहारा अस्पताल में 1764 और हमर अस्पताल समेत अन्य केंद्रों में केवल एक महीने में 1200 से ज्यादा मामले दर्ज हुए। कई पीड़ितों की हालत इतनी गंभीर रही कि रेबीज के डर से आत्महत्या तक कर ली। मानव अधिकार आयोग के अनुसार, 2023 में पूरे प्रदेश में 1.20 लाख लोग डॉग बाइट का शिकार हुए, जिनमें अकेले रायपुर से 51 हजार से ज्यादा केस दर्ज हुए।


विधानसभा में भी उठा मुद्दा

विधानसभा सत्र के दौरान बीजेपी विधायक सुनील सोनी ने डॉग बाइट्स और शेल्टर की स्थिति पर सवाल उठाए थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जवाब में बताया कि बीते तीन साल में 51,730 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि निगम की ओर से डॉग शेल्टर का निर्माण किया जा रहा है और नसबंदी व टीकाकरण अभियान तेज किया गया है।

सोनडोंगरी में बनकर तैयार है डॉग शेल्टर हाउस

खूंखार, बीमार और घायल कुत्तों को डॉग शेल्टर हाउस में रखने का प्लान दो साल पहले बनाया गया था। वह सेंटर अब सोनडोंगरी में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इस डॉग सेंटर के संचालन के लिए एनजीओ के चयन की भी प्रक्रिया पूरी हो गई है, लेकिन चिकित्सकों की व्यवस्था नगर निगम नहीं कर पाया है। इसलि सोनडोंगरी का डॉग शेल्टर हाउस चालू नहीं हो पा रहा है। जबकि इस शेल्टर हाउस में मोहल्ले और कालोनियों से 150 से अधिक खूंखार, बीमार, सड़क दुर्घटना में घायल हुए कुत्तों को रखने की व्यवस्था है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

  • सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों को खाना खिलाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
  • हर नगर निगम क्षेत्र में तय फीडिंग जोन बनाया जाएगा।
  • उल्लंघन पर कार्रवाई होगी और हेल्पलाइन नंबर जारी होगा।
  • कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कानून बनाने की सिफारिश की गई है।

स्थिति गंभीर, इलाज जारी

आंबेडकर अस्पताल में रोजाना 40 से अधिक मामले दर्ज हो रहे हैं। पिछले छह महीने में मेकाहारा अस्पताल में 1764 और हमर अस्पताल समेत अन्य केंद्रों में महज एक महीने में 1200 से अधिक डॉग बाइट केस सामने आए। कई मामलों में स्थिति इतनी गंभीर रही कि रेबीज के प्रभाव में मरीज ने आत्महत्या तक कर ली।

आवारा कुत्ते अब राजधानी के लिए गंभीर चुनौती बन गए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद जहां डॉग लवर्स राहत महसूस कर रहे हैं, वहीं नगर निगम और प्रशासन के सामने नसबंदी व नियंत्रण सबसे बड़ी जिम्मेदारी बनकर खड़ी है।

यह भी पढ़ें- CG News: सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों के 48 प्रतिशत पद खाली, संविदा पर भी भर्ती फेल; दावों की खुल रही पोल

ज्यादा से ज्यादा कुत्तों का नसबंदी की जाए- महापौर

नगर निगम रायपुर के महापौर मीनल चौबे ने बताया कि शेल्टर हाउस के लिए एक NGO को फाइनल कर लिया गया है। लेकिन जितने मात्रा में कुत्ते हैं उसके आधार पर नसबंदी बहुत कम हुई है। हमारा प्रयास है की ज्यादा से ज्यादा कुत्तों का नसबंदी किया जाए।

यह भी पढ़ें- खुशखबरी...CG को दिवाली से पहले मिला 3000 करोड़ का गिफ्ट, जर्जर सड़कों से मिलेगा छुटकारा; नौ टेंडर किए जारी, देखें लिस्ट