
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। गणेशोत्सव से पहले रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर विवाद की स्थिति बनती नजर आ रही है। मोवा और अमलीडीह क्षेत्र में छह पैक्स और डायनासोर के आकार की गणेश प्रतिमाएं तैयार किए जाने पर संत समाज और बजरंग दल ने आपत्ति जताई है।
संगठनों का कहना है कि भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार करते समय धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं और श्रद्धालुओं की आस्था का ध्यान रखा जाना चाहिए। संगठनों ने आपत्तिजनक स्वरूप में प्रतिमाएं बनाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
संत समाज के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी राजेश्वरानंद, छत्तीसगढ़ बजरंग दल के संयोजक भूषण साहू सहित अन्य सदस्य बुधवार को मोवा क्षेत्र में मूर्तिकारों के यहां पहुंचे। उन्होंने वहां तैयार की जा रही गणेश प्रतिमाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान कुछ प्रतिमाओं के स्वरूप को लेकर मूर्तिकारों से चर्चा भी की गई।
संत समाज और बजरंग दल के सदस्यों ने पिछले वर्ष रायपुर के लाखेनगर में गणेश प्रतिमा के स्वरूप को लेकर हुए विवाद का हवाला देते हुए इस बार पहले से सावधानी बरतने की बात कही। पिछले साल प्रतिमा के डिजाइन को लेकर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई थी। इसके बाद विरोध प्रदर्शन हुआ था और मामला पुलिस शिकायत तक पहुंचा था।
वहीं, मूर्तिकारों का कहना है कि पिछले वर्ष एआई से तैयार गणेश प्रतिमा के डिजाइन को लेकर हुए विवाद के बाद वे ऐसे स्वरूप और डिजाइन से बचने का प्रयास कर रहे हैं, जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत होने या विवाद की स्थिति बनने की आशंका हो। उनका कहना है कि प्रतिमाओं को लेकर श्रद्धालुओं की भावनाओं का भी ध्यान रखा जा रहा है।