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स्कूलों में 12वीं तक छत्तीसगढ़ी में शिक्षा समेत पांच मांगों को लेकर गांधी जयंती पर रायपुर में मातृभाषा सत्याग्रह

रायपुर के आजाद चौक में एमए छत्तीसगढ़ी भाषा छात्र संगठन और मोर चिन्हारी के बैनर तले एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारी पहली से 12व...और पढ़ें

By Manish MishraEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 06:33:54 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 06:35:01 PM (IST)
स्कूलों में 12वीं तक छत्तीसगढ़ी में शिक्षा समेत पांच मांगों को लेकर गांधी जयंती पर रायपुर में मातृभाषा सत्याग्रह
छत्तीसगढ़ी मातृभाषा में पढ़ाई समेत अन्य मांगों को लेकर गांधी जयंती पर सत्याग्रह करेंगे युवा। - प्रतीकात्मक एआई

HighLights

  1. मातृभाषा छत्तीसगढ़ी में पढ़ाई और रोजगार की मांग
  2. आजाद चौक पर छात्रों का एक दिवसीय सत्याग्रह
  3. कक्षा पहली से 12 वीं तक अनिवार्य छत्तीसगढ़ी शिक्षा

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। मातृभाषा छत्तीसगढ़ी को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने की मांग को लेकर राजधानी रायपुर में एमए छत्तीसगढ़ी भाषा छात्र संगठन ने आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन की ओर से शुक्रवार 2 अक्टूबर को सुबह 11 बजे से राजधानी के ऐतिहासिक आजाद चौक में एक दिवसीय सत्याग्रह व भूख हड़ताल का आयोजन किया जा रहा है।

यह प्रदर्शन 'मोर चिन्हारी' के बैनर तले छत्तीसगढ़ी सत्याग्रही नंदकिशोर शुक्ल और छात्र संगठन के संयुक्त नेतृत्व में संपन्न हो रहा है। इस अनशन के माध्यम से राज्य सरकार का ध्यान क्षेत्रीय भाषा के संरक्षण, संवर्धन और उससे जुड़े युवाओं के भविष्य की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया गया है।


कक्षा पहली से 10वीं तक पढ़ाई और भर्तियों की मांग

सत्याग्रह कर रहे छात्र संगठनों ने शासन के समक्ष स्पष्ट रूप से कई प्रमुख मांगें रखी हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में कक्षा पहली से लेकर 10वीं तक छत्तीसगढ़ी भाषा में पढ़ाई की अनिवार्य व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, लंबे समय से लंबित छत्तीसगढ़ी भाषा के शिक्षकों की नियमित भर्ती तत्काल शुरू हो। छात्रों ने प्रशासनिक और सार्वजनिक सेवाओं में भी मातृभाषा को प्राथमिकता देने की मांग उठाई है। इसके अंतर्गत तहसील स्तर पर छत्तीसगढ़ी राजभाषा अधिकारियों की नियुक्ति, सरकारी अस्पतालों में स्थानीय भाषा के जानकारों की काउंसलर के रूप में तैनाती तथा विभिन्न विभागों में छत्तीसगढ़ी अनुवादकों की भर्ती अनिवार्य रूप से करने पर जोर दिया गया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और मोदी की गारंटी का दिया हवाला

एमए छत्तीसगढ़ भाषा छात्र संगठन के प्रमुख पदाधिकारी जितेंद्र कुमार साहू ने आंदोलन के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि मातृभाषा में प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा प्रदान करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसके अतिरिक्त, चुनाव के दौरान 'मोदी की गारंटी' में भी स्थानीय व मातृभाषा में शिक्षा उपलब्ध कराने का स्पष्ट वादा किया गया था। उन्होंने कहा कि जब नीति और घोषणाएं मातृभाषा के पक्ष में हैं, तो फिर राज्य सरकार को ठोस कदम उठाने में विलंब नहीं करना चाहिए। छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि शासन ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में यह आंदोलन व्यापक रूप लेगा।