रायपुर में 40 सेकंड में 46 थप्पड़ मारे, फिर धमकी दी- मां वकील है भुगतना पड़ेगा गंभीर परिणाम, पीड़ित ने कटाई टीसी
राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय के बाहर एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट का वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में छात्र को चालीस स...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 09 Aug 2026 01:11:19 PM (IST)Updated Date: Sun, 09 Aug 2026 01:11:19 PM (IST)
आत्मानंद स्कूल की अर्काइव तस्वीर। नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर के भाठागांव स्थित स्वामी आत्मानंद विद्यालय से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक छात्र के साथ बेरहमी से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों के बाहर विद्यार्थियों की सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल फुटेज में कुछ युवक एक छात्र को चारों तरफ से घेरकर लगातार थप्पड़, लात और घूंसों से पीटते हुए नजर आ रहे हैं।
चालीस सेकंड में 46 थप्पड़
सामने आए वीडियो के दावों के मुताबिक, महज 40 सेकंड के अंतराल में पीड़ित छात्र को 46 थप्पड़ मारे गए। हद तो तब हो गई जब हमलावरों में शामिल एक युवक ने जमीन पर गिरे या खड़े छात्र के चेहरे पर लात मारी। पूरी घटना का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर रील्स के रूप में प्रसारित कर दिया गया। इस अमानवीय कृत्य के सामने आने के बाद से आम जनता और अभिभावकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्कूल छोड़ने पर मजबूर हुआ पीड़ित
पीड़ित छात्र के परिजनों ने विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना की शिकायत तुरंत प्राचार्य से की गई थी, लेकिन प्रबंधन ने कोई प्रभावी या ठोस कदम नहीं उठाया। लगातार बढ़ते दबाव, भय और खुद को असुरक्षित महसूस करने के कारण आहत छात्र ने अंततः स्थानांतरण प्रमाणपत्र (TC) लेकर विद्यालय छोड़ दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि मारपीट के दौरान एक युवक ने अपनी मां के वकील होने और न्यायाधीश से पहचान का रौब दिखाते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।
पुलिस जांच और सुरक्षा पर सवाल
यह पूरा मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र के अंतर्गत का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने और तूल पकड़ने के बाद अब पुलिस और प्रशासन पर त्वरित कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। स्कूलों के आसपास इस तरह की बाहरी तत्वों की दखलंदाजी और नाबालिग छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति समाज के लिए चिंता का विषय बन चुकी है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।