
रायपुर (राज्य ब्यूरो)। Politics Over Food Distribution: राज्य में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को लेकर सियासी संग्राम तेज हो गया है। भाजपा सरकार पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाकर प्रदेशभर में सरकारी राशन दुकानों के सामने प्रदर्शन कर रही है। इस पर सरकार की तरफ से पलटवार किया गया है। आंकड़ों के साथ राज्य सरकार ने दावा किया है कि केंद्र से 51 लाख 20 हजार लोगों के लिए अनाज दिया जा रहा है, जबकि राज्य सरकार 58 लाख 91 हजार लोगों को मई 2021 से निश्शुल्क राशन दे रही है, जो नवंबर तक दिया जाएगा। इस अतिरिक्त चावल वितरण की सब्सिडी राज्य सरकार वहन कर रही है।
विभागीय अफसरों ने अनुसार, योजना के तहत केंद्र सरकार की तरफ से प्रति सदस्य पांच किलो अतिरिक्त चावल का आवंटन प्राप्त हो रहा है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत राज्य में 51.20 लाख राशनकार्डधारी हैं। इनमें सदस्यों की संख्या दो करोड़ है। इसके विपरीत राज्य में कुल 68.63 लाख राशनकार्डधारी हैं। इनमें से 7.19 लाख राशनकार्ड अंत्योदय और 44.01 लाख राशनकार्ड प्राथमिकता वाले परिवार से हैं। इन्हीं के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत केंद्र सरकार अतिरिक्त चावल दे रही है।
अंत्योदय योजना के सभी राशनकार्डधारी परिवारों को 35 किलो चावल की सामान्य मासिक पात्रता के अलावा इन राशनकार्डों में शामिल प्रत्येक सदस्य को पांच किलो अतिरिक्त खाद्यान्न् प्रतिमाह दिया जा रहा है। प्राथमिकता वाले राशनकार्डधारियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में निर्धारित पात्रता अनुसार हर महीने सामान्य व अतिरिक्त आवंटन का वितरण किया जा रहा है।
अफसरों के अनुसार राज्य में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए गरीब और जरूरतमंद राशनकार्डधारियों को राज्य सरकार ने मई से नवंबर 2021 के दौरान चावल का निश्शुल्क दे रही है। वहीं केंद्र सरकार ने इस अवधि के लिए जारी चावल की दर तीन रुपये प्रतिकिलो तय किया है। ऐसे में राज्य सरकार मई से माह सितंबर तक वितरित निश्शुल्क चावल पर 97 करोड़ की सब्सिडी देगी।