
रायपुर। नई ट्रेन, मंडल का विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण मांग और उम्मीदें धरी रह गईं। दूसरे राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ के लोगों को भी रेल बजट में सुविधा के नाम पर कुछ खास नहीं मिला।
आम लोग ही नहीं, विधायक, सांसद, व्यापारी और सरकार ने रेल बजट के लिए ढेरों प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजे थे, लेकिन गुरुवार को रेल मंत्री का संसद में बजट समाप्त होते ही छत्तीसगढ़ के उम्मीदों की ट्रेन बेपटरी हो गई। हाथ आया तो बस दो नई रेल परियोजनाओं की मंजूरी, वह भी संभवतः पीपीपी मॉडल पर बनेगा। इसी वजह से राज्य के लोग बजट के बाद कह रहे हैं- 'प्रभु जी, तुम जीते हम हारे...।'
रेल बजट में किसी क्षेत्र विशेष के लिए नई ट्रेन या पुरानी ट्रेनों के फेरे में बढ़ोतरी या विस्तार का एलान नहीं किया गया है। रेल अफसरों के अनुसार रेल बजट में नई ट्रेन की घोषणा नहीं किए जाने के संकेत पहले ही मिल गए थे।
इसके बावजूद रायपुर- कोरबा के बीच नई ट्रेन सहित कुछ ट्रेनों के फेरे में वृद्धि का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन रेल बजट में उसे शामिल नहीं किया गया। सांसदों ने भी अपने क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से नई ट्रेनों की मांग की थी। इसी तरह रायपुर मंडल की सीमा का डोंगरगढ़ और बागबाहरा तक विस्तार जैसी बहुप्रतीक्षित मांग पर भी ध्यान नहीं दिया गया है।
मांगें जो धरी रह गईं
- रायपुर मंडल का विस्तार डोंगरगढ़ स्टेशन तक।
- राजनांदगांव स्टेशन को रायपुर मंडल में किया जाए शामिल।
- बागबाहरा हो रायपुर मंडल में शामिल किया जाए।
- उरकुरा को सर्वसुविधायुक्त सब स्टेशन बनाने की मांग।
- सरोना और कुम्हारी स्टेशन का विकास।
- उरकुरा में कोचिंग टर्मिनल बनाया जाए।
- स्टेशनों में प्लेटफॉर्म के साथ रैंप की हो व्यवस्था।
- लम्बी दूरी की ट्रेनों में पेंट्रीकार की व्यवस्था की जाए।
- रायपुर स्टेशन में बने मल्टी लेवल पार्किंग।
- डोंगरगढ़ से रायगढ़ के बीच हर घंटे हो लोकल ट्रेन।
- डोंगरगढ़ से रायगढ़ व कोरबा इंटरसिटी या फास्ट लोकल।
- रायपुर से गोवा के लिए सीधी ट्रेन।
- दुर्ग-रायपुर से इंदौर के लिए सीधी ट्रेन।
- रायपुर से चेन्नई तक सीधी ट्रेन।
- संपर्कक्रांति एक्सप्रेस रोज चले।
- रायपुर-धमतरी और कोंडागांव के लिए ट्रेन।
- नर्मदा एक्सप्रेस का विस्तार हो दुर्ग तक।
- इंदौर- नागपुर का रायपुर तक विस्तार।
- कोरबा - त्रिवेन्द्रमपुर ट्रेन सप्ताह के फेरे में वृद्धि।
- बिलासपुर- चेन्नई एक्सप्रेस के फेरे में वृद्धि की जाए।
- पुरी-जोधपुर का विस्तार जैसलमेर तक।