Nag Panchami 2021: राजधानी में दूसरे साल भी औपचारिक तौर पर होगा दंगल, नहीं आएंगे अन्य जिलों के पहलवान
Nag Panchami 2021: नागपंचमी का पर्व आज। कुशालपुर दंतेश्वरी मंदिर परिसर, जैतूसाव मठ और गुढियारी में होता है मुख्य आयोजन।
By Shashank.bajpai
Edited By: Shashank.bajpai
Publish Date: Fri, 13 Aug 2021 07:10:00 AM (IST)
Updated Date: Fri, 13 Aug 2021 09:06:25 AM (IST)

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Nag Panchami 2021: राजधानी में नागपंचमी पर्व काफी धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन संयोग से दूसरे साल भी नागपंचमी में फीका नजर आएगा। इसका कारण है कि कोरोना महामारी की वजह से राजधानी में लोगों को दूसरे जिलों से आने वाले पहलवानों का दंगल देखने को नहीं मिलेगा। बता दें कि शहर के कुशालपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर परिसर, पुरानी बस्ती स्थित जैूतसाव मठ और गुढियारी में लोगों को शानदार कुश्ती देखने को मिलती थी।
मगर, अब समितियों ने कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर औपचारिक तौर पर ही आयोजन करने का फैसला किया है। यहां दूसरे जिले से धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दुर्ग, राजनांदगांव जैसे कई जगहों से पहलवान कुश्ती खेलने पहुंचे थे। मगर, इस बार समितियों ने आमंत्रित नहीं किया है। ऐसे में अखाड़ा समिति के सदस्य ही औपचारिक तौर पर दंगल में अपने दांव-पेंच दिखाएंगे।
135 साल से ज्यादा पुराना जैतू साव मठ में अखाड़ा का आयोजन
जैतू साव मठ के अखाड़ा प्रमुख गजेश यदु ने बताया कि मठ का अखाड़ा का आयोजन 135 पुराना है। लगातार दूसरे साल महामारी के कारण औपचारिक तौर पर नागपंचमी का पर्व मनाएंगे। वहीं आयोजन में शारीरिक दूरी, मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था रहेगी। इधर, दावा है कि कुशालपुर मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर के अखाड़ा और गुढ़ियारी का अखाड़ा भी सौ साल पुराना है।
शहर के शिवलयों में उमड़ेंगे भीड़
नागपंचमी पर्व पर शहर के प्रमुख शिवलयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेंगी। इसके लिए हटकेश्वर महादेव, नीलकंठेश्वर महादेव, बूढ़ेश्वर महादेव जैसे कई शिवालय तैयारी कर चुकी है। वहीं नागपंचमी को देखते हुए सज-सज्जा भी गई है।