विद्यार्थियों की स्वर लहरी पर थिरके थर्ड जेंडर के कलाकार, किन्नरों को सिर पर आग लेकर नाचते देख झूम उठे दर्शक
थर्ड जेंडर के लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक स्थिति संबंधी विषयों पर चर्चा के लिए आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में विचार-मंथन हुआ।
By Ashish Kumar Gupta
Edited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Tue, 28 Feb 2023 09:11:53 AM (IST)
Updated Date: Tue, 28 Feb 2023 09:11:53 AM (IST)

रायपुर। थर्ड जेंडर के लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पुनर्वास और सामाजिक स्थिति संबंधी विषयों पर चर्चा के लिए आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में विचार-मंथन तो हुआ ही, इसके साथ ही मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुआ, जिसने अपनी अमिट छाप छोड़ी। इस अवसर पर शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय रायपुर के विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना के साथ राजकीय गीत अरपा पैरी के धार और छत्तीसगढ़ी गीत देवर बाबू मोर जैसे गीत की प्रस्तुति दी। बता दें कि गीत इन विद्यार्थियों ने गाए और उनकी स्वर लहरी पर नृत्य तृतीय लिंग के कलाकारों प्रस्तुत कर देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। हर किसी ने उनकी नृत्य-प्रतिभा की मुक्त-कंठ से सराहना की। सुर, लय, ताल की त्रिवेणी में लोग गोते लगाते रहे।
पं. दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में तृतीय लिंग के व्यक्तियों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और विकास कार्यक्रमों पर केंद्रित यह राष्ट्रीय कार्यशाला सह सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इसमें नौ राज्यों राजस्थान, ओडिशा, केरल, बिहार, मप्र, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, दिल्ली सहित छत्तीसगढ़ के तृतीय लिंग के प्रतिनिधि और प्रतिभागी शामिल हुए।
कार्यक्रम में तृतीय लिंग के पुलिस और बस्तर फाइटर्स में नियुक्त आरक्षक भी पहुंचे। कार्यशाला में प्रशिक्षण के बाद संवाद सेतु के तहत उपस्थित सभी लक्षित समूह से चर्चा की गई। इस दौरान तृतीय लिंग के व्यक्तियों द्वारा टीजी कार्ड के आधार पर मतदाता के रूप में पंजीयन की मांग की। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए इसकी सराहना की।
हम सब एक : मंत्री अनिला भेंड़िया
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा कि सभी को मिल जुलकर काम करना चाहिए और एक-दूसरे को आगे बढ़ाने में मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तृतीय लिंग के व्यक्तियों का विकास कर उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही है। थर्ड जेंडर के लिए राज्य सरकार की कोशिशों का सफल परिणाम है कि तृतीय लिंग के 22 व्यक्तियों का चयन पुलिस में हुआ है। तृतीय लिंग के लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। हम सब इंसान है।
राज्य में तृतीय लिंग के 3060 का चिह्नांकन
समाज कल्याण विभाग के सचिव भुवनेश यादव ने बताया कि अब तक राज्य में 3060 तृतीय लिंग के व्यक्ति चिह्नांकित किए गए हैं, जिन्हें पहचान-पत्र जारी किया जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में थर्ड जेंडर के लिए सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चिह्नांकन भी किया जा रहा है।