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रायपुर में दर्दनाक हादसा: चतुर्भुजी मंदिर परिसर की प्राचीन बावड़ी बनी काल, दो मासूमों की डूबने से मौत

रायपुर जिले के कुंबरगढ़ में स्थित प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर में एक हृदयविदारक घटना घटी, जहाँ खेलते समय दो बच्चे (7 और 4 वर्ष) गहरी बावड़ी में गिर ...और पढ़ें

By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Sat, 11 Jul 2026 02:20:03 PM (IST)Updated Date: Sat, 11 Jul 2026 02:20:02 PM (IST)
रायपुर में दर्दनाक हादसा: चतुर्भुजी मंदिर परिसर की प्राचीन बावड़ी बनी काल, दो मासूमों की डूबने से मौत
दुर्घटना के बाद बावड़ी के पास उपस्थित ग्रामीण। नईदुनिया

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। धरसीवां थाना क्षेत्र स्थित कुंबरगढ़ के प्राचीन चतुर्भुजी मंदिर परिसर में शनिवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर परिसर की प्राचीन बावड़ी में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही धरसीवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों के शवों को बावड़ी से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस के अनुसार मृतकों की पहचान साक्षी साहू (7 वर्ष) और श्रवण धीवर (4 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों बच्चे धरसीवां विकासखंड के कुर्रा गांव के निवासी थे।

खेलते-खेलते गिर गए

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह दोनों मासूम मंदिर परिसर के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान वे प्राचीन बावड़ी के पास पहुंच गए और असंतुलित होकर गहरे पानी में गिर गए। आसपास मौजूद लोगों को जब तक घटना की जानकारी मिलती, तब तक दोनों बच्चे पानी में डूब चुके थे।


गोताखोर उतरे, पुलिस को सूचित किया

ग्रामीणों ने तत्काल बच्चों की तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से दोनों बच्चों को बावड़ी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेजा गया।

गहरी है प्राचीन बावड़ी

घटना के बाद मृतक बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे कुर्रा गांव और आसपास के क्षेत्र में मातम का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर परिसर की यह प्राचीन बावड़ी काफी गहरी है और इसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था या घेराबंदी नहीं होने के कारण हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है।

घेराबंदी करने की उठी मांग

धरसीवां थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं इस दर्दनाक घटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर परिसर स्थित प्राचीन बावड़ी के चारों ओर सुरक्षा घेराबंदी कराने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।