यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 23, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
राष्ट्रीय एकता शिविर में दे रहे योग का प्रशिक्षण, 12 राज्यों के 210 स्वयंसेवक कर रहे शिरकत
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अंतर्गत रामचंद्र मिशन योग आश्रम अमलेश्वर में सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर का अयोजन किया जा रहा है।
By Ashish Kumar GuptaEdited By: Ashish Kumar Gupta
Publish Date: Mon, 23 May 2022 01:51:15 PM (IST)Updated Date: Mon, 23 May 2022 01:51:15 PM (IST)
राष्ट्रीय एकता शिविर रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय अंतर्गत रामचंद्र मिशन योग आश्रम अमलेश्वर में सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर का अयोजन किया जा रहा है। शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल अनुसुइया उइके, अतिथि राष्ट्रीय सेवा योजना भारत सरकार युवा कार्यक्रम के संचालक पंकज कुमार सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डाक्टर केएल वर्मा ने किया। शिविर में पहले से अंतिम दिन तक 12 राज्यों के 210 स्वयंसेवक शिरकत करेंगे। इसमें योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
राज्यपाल उइके ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना व्यक्ति में नेतृत्व व व्यक्तित्व विकास में सहायक होती है। अगर हम दृढ़ संकल्पित होकर काम करें तो कोई भी काम कठिन नहीं होगा। कुलपति डाक्टर वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा मंच है, जो हमें विभिन्न अवसर प्रदान करता है। छात्रों की इसमें सहभागिता जरूरी है। शिविर में प्रतिदिन सुबह योग व प्राणायाम का प्रशिक्षण, विविध विषयों पर आधारित बौद्धिक सत्र व प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा। शाम को देसी खेलों का आयोजन किया जाएगा। विविध संस्कृति को समेटे हुए इस शिविर में प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या में विभिन्ना राज्यों की टीमें अपनी लोककला व लोक संस्कृति का प्रदर्शन करेंगीं।
कैवल्यधाम तीर्थ में जीवन जीने की कला शिविर का शुभारंभ
जीवन में अच्छे गुणों और संस्कारों को अपनाकर समाज में अपनी विशेष पहचान बनाएं और जीवन को सफल करें। अच्छी बातों को अपने व्यवहार, कार्य में उतारें। निश्चित ही जीवन सफल होगा। ये विचार जैन मुनि ऋषभ सागर ने व्यक्त किए। कैवल्यधाम तीर्थ में 15 दिवसीय जीवन जीने की कला शिविर का शुभारंभ रविवार को हुआ।
शिविर प्रेरिका साध्वी स्नेहयशा ने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य जैन बच्चों में अच्छे संस्कार का बीजारोपण करना है। संस्कारों का शंखनाद के उद्देश्य से श्री कैवल्यधाम जैन श्वेतांबर ट्रस्ट और दादा की टोली के नेतृत्व में आयोजित 15 दिवसीय शिविर में छत्तीसगढ़ के अनेक शहरों से 300 से अधिक छात्राएं शामिल हुई हैं। आयोजन समिति दादा की टोली के अध्यक्ष महेंद्र दुग्गड़ और शिविर के संयोजक पंकज चोपड़ा ने 15 दिन में होने वाले विविध कार्यक्रमों की जानकारी दी।