
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र स्थित संजय नगर (मदनी चौक) में शुक्रवार को सामने आई सामूहिक आत्महत्या की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। बैटरी रिपेयरिंग का काम करने वाले साजिद अली (50) का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला, जबकि उसकी पत्नी राबिया, 19 वर्षीय बेटा इरशाद अली, 17 वर्षीय बेटी शाहिदा बेगम और 16 वर्षीय बेटी इरशाबा परवीन के शव बिस्तर पर पड़े मिले।
शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि साजिद ने पहले पत्नी और तीनों बच्चों को जहर दिया और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सभी का आज पोस्टमार्टम हो रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच और परिजनों से पूछताछ में सामने आया है कि साजिद पर करीब 20 लाख रुपये का कर्ज था। वह मौदहापारा क्षेत्र में बैटरी रिपेयरिंग का काम करता था। आर्थिक तंगी के कारण वह लंबे समय से मानसिक तनाव में था। बैंक की किस्तों के अलावा निजी उधारी का दबाव भी उस पर लगातार बढ़ रहा था। परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार कर्ज की वसूली करने वाले लोग अक्सर उसके घर पहुंचते थे, जिससे घर में आए दिन विवाद होता था।
पड़ोसियों के मुताबिक गुरुवार शाम से घर का दरवाजा बंद था और शुक्रवार तक कोई हलचल नहीं हुई। घर से बदबू आने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। एक कमरे में साजिद का शव फंदे से लटका था, जबकि पत्नी और तीनों बच्चों के शव बिस्तर पर पड़े थे। सभी के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे जहर देने की आशंका और मजबूत हो गई।
पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए हैं। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के मोबाइल फोन, बैंक लेन-देन और कॉल डिटेल की भी जांच की जा रही है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर कर्ज का वास्तविक स्वरूप क्या था और आर्थिक दबाव कितना गंभीर था।
स्थानीय लोगों और मकान मालिक के परिजनों ने आशंका जताई है कि मृतक ने कुछ निजी लोगों से भी ऊंचे ब्याज पर रकम उधार ली थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल हर पहलू से जांच की जा रही है और किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।