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कांकेर में फसल बीमा राशि के एवज में रिश्वत ली, दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गिरफ्तार

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले अंतर्गत आमाबेड़ा में एसीबी जगदलपुर की टीम ने कृषि विभाग के दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को बीस हजार रुपये की रिश्वत लेत...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 01:33:59 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 01:35:30 PM (IST)
कांकेर में फसल बीमा राशि के एवज में रिश्वत ली, दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी गिरफ्तार
एसीबी की कार्रवाई की प्रतीकात्मक एआइ्र तस्वीर। -अर्काइव

HighLights

  1. बीस हजार रुपये घूस लेते दो अधिकारी गिरफ्तार
  2. फसल बीमा राशि पर मांगी थी अवैध दलाली
  3. एसीबी जगदलपुर की टीम ने बिछाया कड़ा शिकंजा

नईदुनिया प्रतिनिधि, कांकेर। छत्तीसगढ़ में किसानों के हित के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। कांकेर जिले की आमाबेड़ा तहसील में पदस्थ कृषि विभाग के दो ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों (आरईओ) को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) जगदलपुर की टीम ने 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने फसल बीमा की क्षतिपूर्ति राशि बैंक खाते में आने के बाद किसानों से प्रकरण आगे बढ़ाने और शासकीय योजनाओं का निरंतर लाभ दिलाने के एवज में 10-10 हजार रुपये की अवैध मांग की थी। एसीबी की इस त्वरित कार्रवाई से समूचे कृषि महकमे में हड़कंप मच गया है।


फसल बीमा राशि मिलते ही किसानों से मांगी 10-10 हजार की घूस

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम आलानार निवासी किसान सगऊ कोमरा और उनके एक अन्य साथी किसान के बैंक खातों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत नुकसान की भरपाई हेतु 90 हजार रुपये की राशि अंतरित हुई थी। जैसे ही यह राशि किसानों के खाते में पहुंची, क्षेत्र में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी प्रवीण चंद्राकर और सुंदर लाल बच्छन ने किसानों पर अनुचित दबाव बनाना शुरू कर दिया। दोनों कर्मचारियों ने दावा किया कि विभागीय औपचारिकताओं को पूर्ण करने और भविष्य में मिलने वाली योजनाओं की पात्रता उनके सत्यापन पर निर्भर करती है। इसके बदले उन्होंने दोनों किसानों से 10-10 हजार रुपये, यानी कुल 20 हजार रुपये की घूस मांगी।

एसीबी जगदलपुर ने बिछाया जाल, रंगे हाथों दबोचे गए दोनों आरईओ

अधिकारियों की लगातार प्रताड़ना और अवैध मांग से परेशान किसान सगऊ कोमरा ने घूस देने के बजाय कानून का सहारा लेने का निर्णय लिया। उन्होंने 29 सितंबर 2026 को एसीबी जगदलपुर कार्यालय पहुंचकर डीएसपी रमेश मरकाम के समक्ष पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से शिकायत के तथ्यों का गोपनीय सत्यापन कराया। आरोप प्रमाणित होने पर बुधवार को ट्रैप दल का गठन किया गया। योजना के तहत जैसे ही किसानों ने केमिकल लगे नोट दोनों कर्मचारियों को सौंपे, पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। नोटों की बरामदगी के बाद रासायनिक परीक्षण में दोनों कर्मचारियों के हाथ लाल हो गए।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज

एसीबी डीएसपी रमेश मरकाम ने बताया कि दोनों आरोपी कर्मचारियों—प्रवीण चंद्राकर और सुंदर लाल बच्छन के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। दोनों के सेवा अभिलेखों और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के उपरांत दोनों आरोपियों को विशेष भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

अन्नदाताओं के लिए जरूरी सलाह: घूस मांगने पर तुरंत करें शिकायत

सरकारी योजनाओं, फसल बीमा या अनुदान का लाभ प्राप्त करना किसानों का वैधानिक अधिकार है। किसी भी प्रक्रिया या सत्यापन के लिए शासकीय कर्मियों को कोई अतिरिक्त सुविधा शुल्क देना कानूनन अपराध है। यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी काम के एवज में पैसों की मांग करता है, तो किसान सीधे एसीबी की राज्य स्तरीय हेल्पलाइन अथवा नजदीकी कार्यालय में संपर्क कर साक्ष्य सहित शिकायत दर्ज कराएं।