LIC एजेंट मां-बेटे से 45.53 लाख की ठगी करने वाले दो गिरफ्तार, 12 साल में ले ली थीं 13 पॉलिसी
CG News: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने बीमा के नाम पर लंबे समय से चल रहा बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। जतिन चौधरी ...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 27 Nov 2025 10:06:13 PM (IST)Updated Date: Thu, 27 Nov 2025 10:06:13 PM (IST)
LIC एजेंट मां-बेटे से 45.53 लाख की ठगी करने वाले दो गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी में बीमा के नाम पर लंबे समय से चल रहा बड़े वित्तीय घोटाले के आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। न्यू शांति नगर निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर जतिन चौधरी की रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने एलआईसी एजेंट बलवीर सिंह सैन्स और देवेंद्र सेन पिता प्रहलाद सेन उम्र 26 वर्ष पता लोधी पर क्रिस्टल आर्केट के पीछे छपरा भट्टी रिंकू किराना स्टोर के बाजू थाना मोवा पंडरी जिला रायपुर को गिरफ्तार किया गया है। जतिन चौधरी ने अपने आवेदन में बताया कि वे वर्ष 2013 से सरनजीत कौर से बीमा पॉलिसियां ले रहे थे।
एजेंट मां-बेटे पर भरोसा करते हुए उन्होंने स्वयं के साथ अपने परिवार के नाम पर 13 बीमा पॉलिसियां ली थीं। पालिसियों की वार्षिक किस्तें वे नियमित रूप से या तो नकद में या ऑनलाइन बलवीर सिंह के खाते में जमा करते रहे। उन्होंने वर्ष 2022 में पालिसी लोन भी लिया था, जिसकी राशि 2,81,000 रुपये उन्होंने बलवीर सिंह के खाते में जमा की। भुगतान का पूरा ब्यौरा बैंक से किए गए एनईएफटी ट्रांजैक्शन के रूप में उपलब्ध करवाया गया। कूटरचित दस्तावेजों का खेल 2022 और 2023 के लिए बलवीर द्वारा जारी जमा पावती रसीदें वास्तव में पूर्णत: फर्जी थीं।
2024 में इनकम टैक्स रिटर्न के लिए जब उन्होंने रसीदें पंडरी स्थित एलआइसी शाखा में जांच कराई, तो कार्यालय ने बताया कि किसी भी पालिसी में एक भी वर्ष की कोई राशि जमा नहीं की गई है। एलआइसी अधिकारियों ने उन सभी रसीदों को कूटरचित बताते हुए तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। शिकायतकर्ता के अनुसार, एजेंट मां–बेटे ने षड्यंत्रपूर्वक झूठे दस्तावेज तैयार कर पालिसी प्रीमियम, लोन राशि और अन्य मदों में उनसे पैसे ठगे गए।
अन्य निवेशकों को भी बनाया शिकारबलवीर सिंह और सरनजीत कौर केवल बीमा धोखाधड़ी ही नहीं कर रहे थे, बल्कि लोगों को निवेश पर डबल मुनाफा देने का झांसा देकर भी ठगी कर रहे थे। तीन लोगों के साथ भी ठगी का इसी तरह का पैटर्न अपनाया गया। सभी पीड़ितों से कुल मिलाकर 45,53,780 रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया।