
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। राजधानी रायपुर की सेंट्रल जेल रायपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। पॉक्सो एक्ट के तहत जेल में बंद विचाराधीन कैदी सुनील महानद ने सेंट्रल जेल के बड़ी गोल 5 नंबर बैरक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रविवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है।
परिजनों का आरोप
घटना के बाद जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि सुनील को जेल में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। परिजनों का यह भी आरोप है कि आत्महत्या के बाद चोरी-छिपे शव को मर्चुरी भेज दिया गया और उन्हें इसकी जानकारी देर रात दी गई।
परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उन्हें सूचना दी जाती तो वे मौके पर पहुंच सकते थे। सूचना देने में जानबूझकर देरी करने का आरोप भी जेल प्रशासन पर लगाया गया है। घटना की खबर फैलते ही परिजन और परिचितों में आक्रोश देखा गया।
जांच की मांग
मामला गंज थाना क्षेत्र का है। सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्चुरी पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला बताया जा रहा है, लेकिन परिजनों के आरोपों के चलते पूरे मामले की गंभीरता से जांच की मांग की जा रही है।
जेल प्रशासन ने कोई बयान नहीं दिया
फिलहाल जेल प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्पष्ट स्थिति सामने आएगी। जेल की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों के साथ व्यवहार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।