
नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। महासमुंद में वर्ष 2016 में गांजा तस्करी के मामले में जेल जाने के बाद बर्खास्त कांस्टेबल दिनेश कुमार टंडन ने जेल में ही वाहन चोरी के गिरोह की नींव रख दी। जेल में अलग-अलग मामलों में बंद आरोपितों से उसकी पहचान हुई। बाहर आने के बाद इस नेटवर्क ने वाहन चोरी शुरू कर दी। चोरी के वाहनों के नंबर में छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए जाते थे और दूसरे लोगों के जरिए इन्हें बेचकर खपाया जाता था। इन वाहनों का इस्तेमाल तस्करी समेत अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में भी किया जाता था।
रायपुर ग्रामीण एसपी श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने गिरोह का राजफाश करते हुए साहिल राय (23), निवासी अमसेना, थाना खरोरा, हाल धनसुली हाउसिंग बोर्ड, विधानसभा; संजीव दत्ता (27), निवासी आसमा कालोनी, उसलापुर, बिलासपुर; अमरजीत सिंह (48), निवासी ग्राम चाक, थाना त्रपेडा, जिला अमृतसर, हाल आरडीए कालोनी हीरापुर, कबीर नगर और दिनेश कुमार टंडन (44), निवासी भोरिंग, थाना तुमगांव, महासमुंद को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की निशानदेही पर गैरेज के बाहर से चोरी इनोवा क्रिस्टा बरामद की गई है।
विधानसभा थाना क्षेत्र के ग्राम दोदेखुर्द स्थित रुद्रांश मोटर गैरेज के बाहर खड़ी इनोवा क्रिस्टा चोरी होने की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में साहिल राय संदिग्ध मिला। पूछताछ में उसने बताया कि वह एक्टिवा बनवाने के बहाने गैरेज पहुंचा था। वहां कोई मौजूद नहीं था, इसलिए उसने इनोवा की चाबी रख ली। इसके बाद पांच सितंबर की रात कार चोरी कर समोदा ले गया। टायर खराब होने पर कार को मेला स्थल के पास मंदिर के नजदीक खड़ा कर उसमें सो गया। सुबह कार लॉक कर वहां से चला गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इनोवा क्रिस्टा और चाबी बरामद कर ली।
पूछताछ में सामने आई चोरी की कड़ी
साहिल से पूछताछ में संजीव दत्ता और अमरजीत सिंह उर्फ बंटी समेत अन्य लोगों की भूमिका सामने आई। करीब एक वर्ष पहले आंबेडकर अस्पताल के चीरघर के पास से बुलेट चोरी कर संजीव के जरिए अमरजीत को 20 हजार रुपये में बेची गई थी। इसके कुछ दिन बाद वहीं से केटीएम बाइक भी चोरी की गई। घड़ी चौक पार्किंग से बुलेट चोरी कर संजीव के साथ अमरजीत को बेचने और आमासिवनी मेन रोड से चोरी बुलेट को ओडिशा में परिचित पितबास के जरिए खपाने की बात भी सामने आई।
जेल में बनी थी पहचान
पुलिस के अनुसार, दिनेश कुमार टंडन की जेल में अलग-अलग अपराधों में बंद आरोपितों से पहचान हुई थी। वहीं अमरजीत सिंह ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2005 में आमानाका थाना क्षेत्र के हत्या के मामले में वह जेल गया था और करीब 14 वर्ष सजा काटी। इसी दौरान जेल में उसकी संजीव दत्ता से पहचान हुई।
ट्रैक्टर चोरी में भी सामने आई भूमिका
गिरोह में शामिल दिनेश टंडन की भूमिका ट्रैक्टर चोरी में भी सामने आई है। करीब तीन माह पहले ग्राम धनसुली के एक बाड़े से ट्रैक्टर चोरी कर संजीव दत्ता के साथ अमरजीत उर्फ बंटी को बेचा गया। इसके एक से डेढ़ माह बाद धनसुली स्थित ईंट-भट्ठे से दूसरा ट्रैक्टर चोरी किया गया। उसे जोरा बाजार के पास खड़ा करने के बाद संजीव दत्ता के साथ भोरिंग, तुमगांव निवासी दिनेश कुमार टंडन को दिया गया।