राज्य ब्यूरो, नईदुनिया/रायपुर। राम जन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि और ज्ञानवापी मंदिर केस में हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में 22 जनवरी को जो दृश्य अयोध्या में देखा गया था, वह जल्द ही ज्ञानवापी और श्रीकृष्ण जन्मभूमि में भी दिखेगा। वह दिन दूर नहीं जब दोनों मंदिरों के परिसर में पूजा-पाठ की जाएगी। ये हमारी आस्था के केंद्र हैं, जिनको हम मुक्त करा कर ही रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर मेडिकल कालेज सभागार में कुंदन लाल जैन स्मृति विचार माला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि राम मंदिर को लेकर जो रिपोर्ट आई थी, उससे मजबूत और पुख्ता रिपोर्ट ज्ञानवापी को लेकर एएसआइ (भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण) ने दी है।
श्रीराम मंदिर केस में सुप्रीम कोर्ट ने लिखित रूप से कहा है कि मंदिर के टूट जाने से भगवान का अस्तित्व समाप्त नहीं हो जाता है। हम भी यही कहते हैं कि वंस अ टेंपल, आलवेज अ टेंपल। सनातन समाज एकजुट हो जाए। हम सचेत हो जाएं कि हमारे कानूनी मुद्दे क्या हैं। उसके लिए एकजुट हो जाएं तो कोई लड़ाई ऐसी नहीं है, जो जीत नहीं सकते हैं।
मंदिरों में दिए गए दान पर सरकार का हक है, लेकिन मस्जिदों में नहीं। इसे लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में कई पीआइएल दर्ज हैं। कर्नाटक में 34 हजार मंदिर सरकार ने अधिगृहीत किए हैं। जिन मंदिरों में चढ़ावा ज्यादा होता है, उन्हीं मंदिरों को अधिगृहीत किया गया है। देश के किसी भी चर्च या मस्जिद को अधिगृहीत नहीं किया जाता है। कुप्रबंधन का दावा कर सरकार मंदिरों को अधिगृहीत करती है।
स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए अधिवक्ता विष्णु शंकर ने कहा कि ज्ञानवापी, कृष्ण जन्मभूमि, कुतुब मीनार, ताजमहल ऐसे परिसर हैं जो पूर्व में मंदिर हुआ करते थे। उनपर जबरदस्ती कब्जा किया गया। सनातन बोर्ड बनना चाहिए। सरकार के नियंत्रण में अलग-अलग राज्यों में जितने मंदिर हैं, वह सब मुक्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिंदू पर्सनल ला बोर्ड बना सकती है। इसे लेकर कोई रोकटोक नहीं है।
हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन राम मंदिर, कृष्ण जन्मभूमि जैसे 100 केस लड़ने वाली पिता-पुत्र की जोड़ी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ से संबंध रखने वाले जैन परिवार ने मंिदरों के लिए ही सबसे ज्यादा केस लड़े हैं। विष्णु शंकर ने वर्ष 2010 में बालाजी ला कालेज से डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पिता हरिशंकर के साथ मिलकर धार्मिक स्थलों के अनेक केस लड़े और इनमें जीत भी प्राप्त की।