रायपुर। Wedding Card : जीवन में कुछ अलग करने की हर किसी की चाहत होती है। अगर शादी की बात की जाए तो जिंदगी के खास लम्हों में यह एक होता है। यही वजह है कि लोग अपने शादी-ब्याह में अन्य लोगों से कुछ अलग करना चाहते हैं। शादी कार्ड आमतौर पर हिंदी या अंग्रेजी में ज्यादा छपते हैं। लेकिन अब छत्तीसगढ़ी भाषा में लोग शादी कार्ड भी छपवाने लगे हैं।
वहीं छत्तीसगढ़ी को स्थापित करने की मंशा रखने वालों को भी यह अच्छा लगता है। यहीं वजह है कि शादी, गृह-प्रवेश, जन्मोत्सव आदि के निमंत्रण पत्र को छत्तीसगढ़ी भाषा में छपवाने का चलन बढ़ रहा है। लोगों का मानना है कि ऐसे करने से कहीं न कहीं छत्तीसगढ़ी भाषा को बढ़ावा मिलता है और लोगों को इसे पढ़कर अपनेपन का अहसास भी होता है।
शादी कार्ड में इस तरह लिखा हुआ शब्द
बिहाव नेवता, मयारूक सगा, सुग्घर बिहाव विश्वकर्मा परिवार के सुग्धर नेवता... नेंग जोग, मड़वा छवंई, चुलमाटी, तेलमाटी, तेल, मायन, हरदाही, बरात, भांवर, हमर कका, ममा के बिहाव में सब्बो झन आहु..., रद्दा जोहइया, तेवतइया, सुआगत करइया आदि छत्तीसगढ़ी भाषा का उपयोग में लाया जा रहा है।
कोरोना को लेकर जागरूकता भी
सभी आमंत्रण पत्र में कोरोना महामारी के जागरूकता फैला रहे हैं। वहीं प्रशासन की गाइड लाइन के मुताबिक कार्डों में शादी में जरूर आए, लेकिन शारीरिक दूरी का पालन करना है और मास्क लगाना है, ताकि कोरोना जैसे महामारी की लड़ाई में हम लोग जीत सकें, जैसे संदेश भी छपवा रहे हैं।
लोगों की बदल रही है सोच
आमंत्रण कार्ड बनाने वाले शहर के मुकेश साहू ने बताया कि आमतौर पर लोग आमंत्रण पत्र हिंदी या अंग्रेजी भाषा में छपवाते है, लेकिन अब लोग छत्तीसगढ़ी भाषा में छपवाना पसंद कर रहे है। इसके अलावा अभी आमंत्रण पत्रों में कोरोना महामारी के जागरूकता वाली संदेश नीचे में लिखवा रहे हैं।