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रायपुर, बिलासपुर समेत चार शहरों में 100 ई-बसें, स्टीयरिंग थामेंगी महिलाएं, मुफ्त मिलेगी ट्रेनिंग

छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर समेत चार शहरों में शुरू होने वाली प्रधानमंत्री ई बस सेवा के तहत महिलाओं को बस चलाने और संचालन में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।

By Goswami SahuEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 02 Nov 2026 08:23:29 PM (IST)Updated Date: Mon, 02 Nov 2026 08:29:15 PM (IST)
रायपुर, बिलासपुर समेत चार शहरों में 100 ई-बसें, स्टीयरिंग थामेंगी महिलाएं, मुफ्त मिलेगी ट्रेनिंग
छत्तीसगढ़ में शुरु होने वाली पीएम ई बस सेवा की प्रतीकात्मक तस्वीर। - अर्काइव

HighLights

  1. चार प्रमुख शहरों में शुरू होगी ई बस सेवा
  2. महिला चालकों, परिचालकों को विशेष प्राथमिकता
  3. निश्शुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण लेकर महिलाएं होंगी सशक्त

नईदुनिया प्रतिनिधि, रायपुर। प्रदेश के रायपुर, बिलासपुर समेत चार बड़े शहरों में ई-बस सेवा शुरू होने जा रही है। इन बसों की स्टीयरिंग महिला चालकों के हाथ में नजर आएगी। केंद्र सरकार की पहल पर ई-बसों में महिला चालकों और परिचालकों (कंडक्टर) को प्राथमिकता के साथ अवसर देने की तैयारी की जा रही है। इसका उद्देश्य महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ ही सार्वजनिक परिवहन में महिला यात्रियों का भरोसा व सुरक्षा बढ़ाना है।

संचालन करने वाली एजेंसियां व कंपनियां महिला ड्राइवरों को निश्शुल्क विशेष ड्राइविंग प्रशिक्षण भी मुहैया कराएंगी। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत प्रदेश में 240 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत हैं, जिनमें रायपुर के लिए 100, बिलासपुर के लिए 50, दुर्ग-भिलाई के लिए 50 और कोरबा के लिए 40 बसें शामिल हैं। इसके डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कार्य जारी है।


इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आसान

विशेषज्ञों के अनुसार परंपरागत डीजल बसों की तुलना में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन आसान होता है। इनमें आटोमैटिक ट्रांसमिशन होने के कारण बार-बार गियर बदलने का झंझट नहीं रहता और संपूर्ण नियंत्रण डिजिटल डैशबोर्ड से होता है। हालांकि इसके लिए महिलाओं के पास भारी वाणिज्यिक वाहन (एचएमवी) का वैध लाइसेंस, जरूरी तकनीकी प्रशिक्षण और सड़क पर वाहन चलाने का अनुभव होना अनिवार्य रहेगा।

दिल्ली, भुवनेश्वर, नागपुर जैसे कई शहरों में सफल रहा प्रयोग

दिल्ली में आयेाजित कार्यशाला में बताया गया कि सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की भागीदारी का माडल देश के कई अन्य शहरों में पहले से ही काफी सफल साबित हो चुका है। ओडिशा की भुवनेश्वर 'मो बस' सेवा में लगभग 40 प्रतिशत कंडक्टर महिलाएं हैं। इसी प्रकार नागपुर में वर्ष 2019 से पूरी तरह महिला स्टाफ द्वारा संचालित 'तेजस्विनी' बसें सफलतापूर्वक दौड़ रही हैं। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) में भी 1,000 से अधिक महिला कंडक्टर और 77 से अधिक महिला चालक अपनी सेवाएं दे रही हैं। इसी तरह अब छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में भी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में 'नारी शक्ति' को मजबूती से जोड़ने की तैयारी है।

ई-बस डिपो का निर्माण में पिछड़ा रायपुर, 60 प्रतिशत काम बाकी

राज्य शहरी विकास एजेंसी (सुडा) की ओर से विभिन्न शहरों में ई-बस डिपो का निर्माण जारी है। दुर्ग-भिलाई के कदंबरी नगर डिपो में 90% काम पूरा हो चुका है। इसी तरह कोरबा के दर्री डिपो में 80% काम पूरा हो चुका है। बिलासपुर के कोनी डिपो में भी 80% कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं रायपुर के जरवाय डिपो स्थल पर 40% काम पूरा हो चुका है, इसकी संभावित पूर्णता तिथि 31 दिसंबर तय की गई है।

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