श्रीशंकर शुक्ला, रायपुर। NOC Of Vehicle: प्रदेश में परिवहन विभाग जल्द ही एक नई व्यवस्था शुरू करने जा रहा है। प्रदेशवासियों को अब वाहन का (अनापत्ति प्रमाणपत्र) एनओसी लेने के लिए बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि परिवहन विभाग अब वाहन फोर नामक साफ्टवेयर सीधे बैंक से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। वाहन फोर साफ्टवेयर बैंक से जुड़ने के बाद वाहन का लोन खत्म होते ही बैंक द्वारा वाहन की एनओसी वाहन साफ्टवेयर में अपलोड कर दिया जाएगा।

उसके बाद वाहन मालिक को परिवहन विभाग में आनलाइन आवेदन करना पड़ेगा। उसके बाद उसे घर बैठे एनओसी मिल जाएगी। इससे वाहन मालिक को एनओसी के लिए जहां बैंक और परिवहन कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, तो वहीं वहीं एनओसी के नाम पर आरटीओ कार्यालय में अतिरिक्त पैसा भी चुकाना पड़ेगा। परिवहन विभाग के अधिकारी का कहना है कि वाहन साफ्टवेयर बैंक से जोड़ने के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है, जल्द ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में एक माह में तकरीबन 60 हजार वाहनों का रजिस्ट्रेशन होता है। इसमें 70 प्रतिशत मोटर साइकिल और 99 प्रतिशत कार अलग-अलग बैंकों से लोन से निकल रही हैं। इस कारण वाहन मालिक को परिवहन विभाग से मिलने वाली आरसी बुक पर वाहन मालिक के साथ ही संबंधित बैंक का भी नाम दर्ज रहता है।

वाहन का लोन खत्म होने के बाद वाहन मालिक को बैंक के चक्कर लगाने पड़ते हैं। बैंक से किसी तरह एनओसी मिलने के बाद नई आरसी बुक के लिए परिवहन विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं। आरटीओ कार्यालय में बैठे बाबू द्वारा कभी साहब नहीं तो कभी संबंधित विभाग का बाबू नहीं आया है। इस तरह का हवाला दिया जाता है। आम जनता को सरकारी कार्यालयों में अक्सर इन झंझटों से दो चार होना पड़ता है।

परिवहन विभाग में करना पड़ेगा आवेदन

परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि संबंधित वाहन का लोन चुकता होने के बाद बैंक द्वारा एनओसी को वाहन फोर नामक साफ्टवेयर में अपलोड कर देगा। एनओसी के अपलोड होने के बाद वाहन स्वामी को आनलाइन परिवहन विभाग की साइट पर नए आरसी कार्ड के लिए आवेदन देना होगा। उसके बाद परिवहन विभाग की टीम साफ्टवेयर में अप्रूवल देगी। उसके बाद परिवहन विभाग नए आरसी कार्ड प्रिंट कर स्पीड पोस्ट के माध्यम से वाहन मालिक के पते पर भेज देगी। विभाग द्वारा यह व्यवस्था शुरू किए जाने से जनता को काफी राहत मिलेगी।

घर बैठे मिल रहा आरसी और लाइसेंस

परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में 20 जून से नई व्यवस्था शुरू की गई है। इस व्यवस्था में लाइसेंस और आरसी कार्ड सीधे आवेदक के घर भेजा जा रहा है। लाइसेंस और आरसी कार्ड परिवहन कार्यालय से निकलने के बाद आवेदक द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर मैसेज भी भेजा जा रहा है कि लाइसेंस और आरसी कार्ड कहां पहुंचा और कब तक मिल जाएगा। इस योजना का फायदा अब तक लाखों लोगों को मिल रहा है।

वर्जन

परिवहन विभाग वाहन फोर नामक साफ्टवेयर से बैंकों को जोड़ने की तैयारी कर रहा है। बैंक के जुड़ जाने के बाद वाहन मालिक को वाहन की एनओसी के लिए चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

-शैलाभ साहू, उप परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़

Posted By: Shiva Gupta

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