
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया.रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था के उच्च स्तर पर इन दिनों बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य कैडर के युवा आईपीएस अधिकारियों में अब पारंपरिक रूप से लंबी फील्ड पोस्टिंग का इंतजार करने के बजाय केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर जाने का रुझान बढ़ रहा है।
आमतौर पर देखा जाता था कि अधिकारी अपनी सेवा के आठ से दस साल पूरे होने के बाद दिल्ली या केंद्रीय एजेंसियों की ओर रुख करते थे, लेकिन अब कम अनुभव वाले नए बैच के युवा अफसर भी शुरुआती दौर में ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं, जिससे राज्य स्तर पर प्रशासनिक कामकाज और फील्ड की कमान पर असर पड़ रहा है।
2021 बैच के आइपीएस अमन कुमार झा, वर्तमान में बीजापुर में एएसपी के पद पर पदस्थ हैं और केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर जाने के इच्छुक हैं। चर्चा है कि राज्य सरकार ने उन्हें अनुमति दे दी है और उन्हें किसी केंद्रीय एजेंसी में जिम्मेदारी मिल सकती है।
आमतौर पर छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अफसर आठ-दस साल की फील्ड पोस्टिंग के बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए प्रयास करते थे। अब नए बैच के अधिकारी भी इसके लिए आवेदन करने लगे हैं। 2019 बैच के आइपीएस विकास कुमार फील्ड में एसपी बने बिना ही केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जा चुके हैं। अमन कुमार झा के अलावा चिराग जैन भी केंद्र जाने के इच्छुक बताए जा रहे हैं। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व एसपी आंजनेय वार्ष्णेय भी प्रतिनियुक्ति पर जा चुके हैं। आईजी सुंदरराज पी. एनआइए में हैदराबाद जोन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं, कई जिलों में एसपी रह चुके संतोष सिंह दिल्ली मेट्रो में मुख्य सुरक्षा अधिकारी हैं।
एक जनवरी को 2011 बैच के नौ आईएएस अफसर सचिव पद पर पदोन्नत होंगे। इसके बाद विभागीय प्रभार में फेरबदल और नगरीय निकाय चुनाव के बाद कुछ जिलों के कलेक्टरों के तबादले की संभावना है। छत्तीसगढ़ कैडर के कुल 25 आईएएस अधिकारी वर्तमान में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे रहे हैं।
2011 बैच के नौ आइएएस अधिकारियों को सचिव पद पर पदोन्नति मिलेगी। इनमें नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, चंदन कुमार, भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र, भोसकर विलास संदीपन, दीपक सोनी, संजीव कुमार झा, जितेंद्र शुक्ला, जन्मेजय महोबे और आर. एक्का शामिल हैं। भूरे सर्वेश्वर नरेंद्र और दीपक सोनी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जबकि महोबे जांजगीर-चांपा के कलेक्टर हैं।
पदोन्नति के बाद विभागीय प्रभार बदल सकते हैं। दिसंबर के पहले पखवाड़े में 17 नगरीय निकायों के चुनाव के बाद कलेक्टरों के तबादलों की भी संभावना है। बता दे कि राज्य में स्वीकृत 202 आईएएस पदों के मुकाबले 173 अधिकारी तैनात हैं। वर्तमान में राज्य के 21 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। इसी तरह, आईपीएस के 153 पदों के एवज में मात्र 134 अधिकारी ही सेवाएं दे रहे हैं।