
नईदुनिया न्यूज, राजनांदगांव। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का प्रभावी माध्यम बन रही है। जिले के ग्राम जंगलेसर निवासी किसान रामेश्वर प्रसाद चंद्राकर ने इस योजना का लाभ लेते हुए अपने घर में दो किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किया है।
इसके बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। अब वे अतिरिक्त बिजली ग्रिड में देकर आय अर्जित करने की तैयारी कर रहे हैं। रामेश्वर प्रसाद चंद्राकर ने बताया कि फरवरी में बैंक की वित्तीय सहायता से उन्होंने सोलर संयंत्र स्थापित कराया था। इसके लिए शासन से उन्हें 90 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। इससे पहले उनके घर का बिजली बिल प्रतिमाह एक हजार से 1500 रुपये तक आता था, लेकिन सोलर संयंत्र लगने के बाद बिजली खर्च समाप्त हो गया है।
उन्होंने बताया कि संयंत्र से प्रतिदिन औसतन पांच से आठ यूनिट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन हो रहा है। गर्मी के दिनों में यह उत्पादन बढ़कर 12 से 14 यूनिट तक पहुंच जाता है। घर की जरूरत पूरी होने के बाद बची हुई बिजली ग्रिड में जमा हो रही है, जिसका भुगतान वार्षिक समायोजन के बाद बैंक खाते में प्राप्त होगा। रामेश्वर मोबाइल एप के माध्यम से प्रतिदिन बिजली उत्पादन और खपत की निगरानी भी करते हैं।
उनका कहना है कि पहले वे केवल बिजली के उपभोक्ता थे, लेकिन अब बिजली का उत्पादन कर वितरण कंपनी को उपलब्ध करा रहे हैं। उनके अनुभव से प्रेरित होकर ग्राम जंगलेसर के 40 से 50 परिवारों ने भी अपने घरों में सोलर संयंत्र स्थापित कर लिया है। रामेश्वर ग्रामीणों को मोबाइल एप पर बिजली उत्पादन की जानकारी दिखाकर योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।