
राजनांदगांव। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत प्रदेश में राजनांदगांव जिले में सर्वाधिक श्रमिकों को रोजगार दिया गया है। श्रमिकों को रोजगार देने में राजनांदगांव जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। जिले में श्रमिकों को रोजगार देने की दिशा में कारगर कदम उठाए गए हैं। जिसके सार्थक परिणाम रहे और विभिन्ना क्षेत्रों में श्रमिकों को कार्य मिला। राजनांदगांव जिला पंचायत द्वारा 813 ग्राम पंचायतों में 66 हजार 190 व्यक्तियों को रोजगार प्रदान किया गया है। मनरेगा के तहत श्रमिकों को रोजगार देने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। जिले में कोरोना काल में ताकडाउन के दौरान भी श्रमिकों को रोजगार प्रदान किया गया। जिससे पलायन को रोकने में मदद मिली। वहीं अन्य राज्यों से जिले में आए श्रमिकों को भी रोजगार प्रदान किया गया। डबरी निर्माण के माध्यम से जल स्तर बढ़ाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है।
जीवन स्तर में भी सुधार का दावाः कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर के निर्देशन में मनरेगा के तहत स्वीकृत काम संकट मोचन साबित हो रहे हैं। खेती-किसानी का मौसम समाप्त होने के बाद काम की तलाश में हर वर्ष इधर-उधर भटकने वाले ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार मिल जा रहा है। इससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सुधार का दावा प्रशासन की तरफ से किया गया है।
मिट्टीमूलक कामों में ज्यादा जोरः जिले में मिट्टीमूलक कामों में ज्यादा जोर दिया जा रहा है। नया तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, नरवा बंधान, शेड निर्माण, डबरी निर्माण, कुंआ निर्माण जैसे कार्य मनरेगा के तहत किए जा रहे हैं। श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर व्यापक रूप से रोजगार उपलब्ध कराया गया। राजनांदगांव जिले के अंबागढ़ चौकी विकासखंड में 6784 व्यक्तियों को रोजगार दिया गया। इसी तरह छुईखदान विकासखंड में 9098 व्यक्तियों को, छुरिया विकासखंड में 11136 व्यक्तियों को, डोंगरगांव विकासखंड में 4633 व्यक्तियों को, डोंगरगढ़ विकासखंड में 5539 व्यक्तियों को, खैरागढ़ विकासखंड में 9692 व्यक्तियों को, मानपुर विकासखंड में 3714 व्यक्तियों को, मोहला विकासखंड में 5645 व्यक्तियों को तथा राजनांदगांव विकासखंड में 9949 व्यक्तियों को रोजगार दिया गया।