फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का खेल बेनकाब, यूपी से दबोचा गया मास्टरमाइंड
सड़क दुर्घटना प्रकरण में आरोपित ने अपने पुत्र को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से आनलाइन जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। खैरागढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी तो प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित पाया गया।
By Paritosh DubeyEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 02 Jun 2026 10:05:45 AM (IST)Updated Date: Tue, 02 Jun 2026 10:05:45 AM (IST)
पुलिस गिरफ्त में फर्जीवाड़े का आरोपी। पुलिस नईदुनिया न्यूज, खैरागढ़।
फर्जी दस्तावेज तैयार कर आनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले फरार आरोपित को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। छुईखदान के ग्राम उदान निवासी प्रार्थी अंकल्हु राम जंघेल की शिकायत पर मामला पंजीबद्ध किया गया था। विवेचना के दौरान सामने आया कि थाना गंडई के एक पुराने सड़क दुर्घटना प्रकरण में आरोपित लक्ष्मीनाथ जंघेल ने अपने पुत्र प्रमोद जंघेल को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से एक आनलाइन जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था। दस्तावेज में जन्मतिथि 27 दिसंबर 2005 अंकित थी। जांच में यह प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित पाया गया।
साइबर तकनीकी सहायता से सुल्तानपुर पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने गहन जांच शुरू की। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह पता चला कि फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने वाला व्यक्ति उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में रह रहा है। साइबर तकनीकी सहायता से आरोपी के मोबाइल नंबर और ठिकाने की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद गंडई पुलिस की विशेष टीम उत्तर प्रदेश रवाना हुई और 29 मई 2026 को सुल्तानपुर जिले के वल्लीपुर निवासी 36 वर्षीय रवि निषाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित को ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाया गया और सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कूटरचित दस्तावेज तैयार करता था
आरोपित आनलाइन माध्यम से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोगों को उपलब्ध कराता था। मामले में अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। गंडई पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध और दस्तावेजी धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि किसी भी सरकारी दस्तावेज को आनलाइन बनवाने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें।