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छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना : कागजों में महिला बना तिलोक साहू, 12 महीने तक अकाउंट में आती रही राशि

Mahtari Vandan Yojana CG: छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी के दौरान बड़ा खुलासा हुआ।

By Rohit DewanganEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 07 Jul 2026 10:48:17 AM (IST)Updated Date: Tue, 07 Jul 2026 11:34:37 AM (IST)
छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना : कागजों में महिला बना तिलोक साहू, 12 महीने तक अकाउंट में आती रही राशि
ई-केवाईसी में खुली पोल: पुरुष को बना दिया 'महतारी' (AI Generated Image)

HighLights

  1. 12 महीने तक आती रही राशि
  2. ई-केवाईसी में खुली बड़ी गड़बड़ी
  3. सत्यापन प्रक्रिया पर उठे सवाल

नईदुनिया प्रतिनिधि, खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में महतारी वंदन योजना (Mahtari Vandan Yojana) की ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने योजना की सत्यापन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खैरागढ़ परियोजना के मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू का आवेदन महिला हितग्राही के रूप में स्वीकृत हो गया। हैरानी की बात यह रही कि आवेदन में हितग्राही और पति दोनों के नाम के स्थान पर तिलोक साहू का ही नाम दर्ज था, फिर भी आवेदन को मंजूरी मिल गई और कई महीनों तक योजना की राशि जारी होती रही।

ट्रायल के लिए किया आवेदन, खाते में आने लगी किस्तें

तिलोक साहू ने बताया कि वह एक कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का संचालक है। योजना का पोर्टल शुरू होने पर आवेदन प्रक्रिया को समझने और ट्रायल के उद्देश्य से उसने अपने ही नाम से आवेदन भर दिया था। उसके अनुसार, आश्चर्यजनक रूप से आवेदन स्वीकृत हो गया और उसके बैंक खाते में योजना की किस्तें आने लगीं।


तिलोक साहू का दावा है कि उसे 10 किस्तों की राशि मिली थी, जिसे उसने वापस कर दिया है। हालांकि विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार आवेदन के आधार पर 12 महीनों तक राशि जारी होने की जानकारी सामने आई है।

दो स्तर की जांच के बावजूद नहीं पकड़ी गई गलती

ऑनलाइन रिकॉर्ड के अनुसार आवेदन "पब्लिक" श्रेणी से दर्ज किया गया था। इसके बाद संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने आवेदन का सत्यापन किया और सुपरवाइजर स्तर पर भी इसे मंजूरी दे दी गई।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि आवेदन में हितग्राही और पति दोनों के नाम एक ही व्यक्ति के होने के बावजूद यह त्रुटि दोनों स्तरों की जांच में कैसे नजरअंदाज हो गई।

रिकवरी की प्रक्रिया जारी

खैरागढ़ परियोजना अधिकारी रंजना श्रीवास्तव ने बताया कि संबंधित हितग्राही से राशि की वसूली की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब तक 10 हजार रुपये की रिकवरी की गई है, जबकि आवेदन के आधार पर 12 महीनों तक राशि जारी होने की बात सामने आई है। शेष राशि की वसूली की प्रक्रिया जारी है।

E-KYC अभियान में सामने आई व्यवस्था की खामियां

जिले में महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों का ई-केवाईसी अभियान जारी है। राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-चौकी और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों में कुल 2,40,996 हितग्राहियों की ई-केवाईसी का लक्ष्य रखा गया है। जून तक 2,36,886 हितग्राहियों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है, जबकि 10,222 हितग्राहियों का सत्यापन अभी बाकी है। इसे अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 98 प्रतिशत हितग्राहियों का सत्यापन किया जा चुका है। हालांकि खैरागढ़ का यह मामला सत्यापन प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और भविष्य में ऐसी चूक रोकने के लिए क्या सुधार किए जाते हैं।

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