
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ सीमा से लगे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जंगल में छिपाकर रखी गई हथियार निर्माण सामग्री और अन्य सामान बरामद कर नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई सरेंडर कर चुके माओवादियों से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की गई।
गढ़चिरौली पुलिस के अनुसार माओवादी जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों पर हमले के लिए हथियार, विस्फोटक सामग्री और उपकरण छिपाकर रखते थे। इनका उपयोग नक्सली सप्ताह, चुनाव और अन्य अभियानों के दौरान हमलों में किया जाता था।
पुलिस को 16 मई को ऑपरेशन फाइनल स्ट्राइक के तहत सरेंडर करने वाले माओवादियों से पूछताछ के दौरान सूचना मिली थी कि पोमकेन-बिनागुंडा सीमा के जंगल में हथियार और तकनीकी सामग्री छिपाकर रखी गई है।
सूचना के बाद 21 मई को गढ़चिरौली पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान दल और प्राणहिता यूनिट की छह संयुक्त टीमों के साथ बीडीडीएस की दो टीमों को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
22 मई को तलाशी के दौरान पोमकेन-बिनागुंडा के उत्तर दिशा के जंगल क्षेत्र में माओवादियों का छिपाया गया सामान बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से खराद मशीन, बीजीएल पाइप, 12 बोर पाइप, इन्वर्टर, जनरेटर, बैटरी, ड्रिलिंग मशीन, आरा मशीन, प्रेशर पंप, सोलर पैनल और 20 फीट लंबा फुटबॉल पाइप सहित बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर सुरक्षा बलों ने बरामद सभी सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया।