
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। दिग्विजय स्टेडियम में मैदान की स्थिति परखने बीसीसीआइ के आब्जर्वर इस महीने अंत तक राजनांदगांव आ सकते हैं। इसके लिए तैयारियां जारी है। मैदान का आउटफील्ड ठीक करने 15 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मैदान में कछारी मिट्टी बिछाकर, समतल करने और घास की छटाई का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा स्टेडियम के भीतर सुविधाएं बेहतर की गई है ताकि प्रथम श्रेणी के खिलाडि़यों को मिलने वाली सुविधाओं के निरीक्षण में बेहतर अंक हासिल हो सके।
दिग्विजय स्टेडियम समिति और जिला क्रिकेट एसोसिएशन की इस तैयारी के एवज में रणजी के मुकाबले की मेजबानी दांव पर लगी है। अगर राजनांदगांव के दिग्विजय स्टेडियम को बीसीआइ के आब्जर्वर हरी झंडी दे देते हैं तो इनमें से एक मुकाबला तय हो जाएगा। ऐसा होने पर कई वर्षों बाद क्रिकेट प्रेमी स्टार क्रिकेटरों को दिग्विजय स्टेडियम में करीब से देख पाएंगे।
पिछले दो महीनों से मैदान का आउटफील्ड ठीक करने कार्य जारी है। हालांकि बारिश के दिनों में इसकी गति धीमी हुई थी। बीसीसीआइ के मापदंडों के अनुसार ही यहां प्रथम श्रेणी के क्रिकेट मुकाबलों के अनुकूल लाल मिट्टी की दो पिच तैयार की गई है। इसके लिए मिट्टी औरंगाबाद से लाई गई थी। यह पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित होती है जिसे इन दिनों वरियता दी जा रही है।
70-75 मीटर की बाउंड्री के साथ यहां के पवैलियन, ड्रेसिंग रुम, कांफ्रेंस रुम की सुविधा उपलब्ध है। इस लिहाज से अब सिर्फ मैदान की स्थिति पर ही आखिरी निर्णय होना है। एक बार रणजी के मुकाबले की मेजबानी मिलने के बाद दिग्विजय स्टेडियम बीसीसीआइ के घरेलू टूर्नामेंट स्थलों में शामिल हो जाएगा जिससे भविष्य में लगातार यहां मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।
बीसीसीआइ ने रणजी ट्राफी 2026-27 के लिए छत्तीसगढ़ को एलीट बी में रखा है। इस समूह में आंध्र, छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, महाराष्ट्र, हरियाणा, सेवाएं, त्रिपुरा और पंजाब शामिल हैं। इनमें से 26 से 29 अक्टूबर छत्तीसगढ़ बनाम आंध्र प्रदेश, 2–5 नवंबर छत्तीसगढ़ बनाम हैदराबाद और 25–28 जनवरी 2027 को छत्तीसगढ़ बनाम कर्नाटक का मुकाबला छत्तीसगढ़ के मैदानों में खेला जाना है। जिला क्रिकेट एसोसिएशन इन्हीं में से किसी एक की मेजबानी हासिल करने प्रयास कर रहा है।
मैदान में कछारी मिट्टी डालकर समतलीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मैदान में घास भी बेहतर हुई है इसकी कटाई भी जारी है। दो विकेट लाल मिट्टी के और दो काली मिट्टी के विकेट भी तैयार हैं। हम आब्जर्वर के आने से पहले सभी मापदंड पुख्ता करने में जुटे हुए हैं।
- योगेश बागड़ी, सह सचिव, दिग्विजय स्टेडियम समिति