
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर 15 नवंबर से शुरू होने वाली शासकीय धान खरीदी से पहले ही सीमावर्ती इलाकों में दूसरे राज्यों का सस्ता धान खपाने का खेल शुरू हो गया है। राजनांदगांव जिला प्रशासन और राजस्व अमले ने मुस्तैदी दिखाते हुए छुरिया तहसील के ग्राम कल्लूटोला में छापामार कार्रवाई कर महाराष्ट्र से लाया गया 231 कट्टा (लगभग 90 क्विंटल) अवैध धान जब्त किया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से अंतरराज्यीय धान तस्करों और बिचौलियों में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार राजस्व दल ने कल्लूटोला निवासी देवोदास के घर पर दबिश दी। जांच में पाया गया कि किसान ने अपने घर के बाजू वाले कच्चे मकान में 231 कट्टा धान डंप कर रखा था। पूछताछ में उसने यह धान महाराष्ट्र के धवलखेड़ी गांव से लाना बताया। जांच अधिकारियों को तब गहरा संदेह हुआ जब पता चला कि देवोदास के अपने खेतों में लगी धान की फसल अभी कटी ही नहीं है। स्पष्ट हो गया कि इस धान को आगामी सरकारी खरीदी में फर्जी पंजीयन पर बेचने की साजिश थी।
महाराष्ट्र सीमा से सटे होने के कारण छुरिया, बागनदी और बोरतलाब के इलाके अवैध धान तस्करी के प्रमुख रास्ते बने हुए हैं। छत्तीसगढ़ में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की 3,100 रुपये समर्थन मूल्य पर खरीद की आकर्षक नीति का नाजायज लाभ उठाने के लिए तस्कर पड़ोसी राज्यों से कम दामों में धान खरीदकर यहां खपाने की फिराक में रहते हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले सत्र 2025-26 में भी प्रशासन ने अवैध परिवहन के 201 मामले दर्ज कर रिकॉर्ड 32,000 क्विंटल धान जब्त किया था।
कलेक्टर जितेंदर यादव ने स्पष्ट किया है कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में एक नवंबर से विशेष चेक पोस्ट पूरी तरह सक्रिय हो जाएंगे, जहां सीसीटीवी कैमरों और उड़नदस्तों की मदद से वाहनों की सघन तलाशी ली जाएगी ताकि अवैध धान की एक भी बोरी राज्य में प्रवेश न कर सके।