
राजनांदगांव। सड़क पर बैठे मवेशियों के कारण हो रही दुर्घटना को देखते हुए रोका-छेका अभियान के माध्यम से पशुपालकों को समझाया जा रहा है। वहीं डेयरी व्यवसायियों को शहर के बाहर डेयरी का संचालन करने की अपील की गई है। इसको लेकर नगर निगम के सभाकक्ष में निगम आयुक्त डा. आशुतोष चतुर्वेदी ने डेयरी संचालकों की बैठक ली, जिसमें उन्हें मवेशियों को खुला नहीं छोड़ने की हिदायत दी है। आयुक्त डा. चतुर्वेदी ने कहा कि कुछ व्यवसायियों द्वारा शहर के अंदर डेयरी का व्यवसाय कर रहे हैं। वहीं मवेशियों को शहर में ही रखते हैं, जिससे गंदगी फैलने के साथ मवेशियों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए शासन ने डेयरी व्यवसाय शहर के बाहर करने और मवेशियों को बांधकर रखने रोका-छेका अभियान के माध्यम से संकल्प पत्र भराने और समझाने को निर्देश मिले हैं। इसी निर्देश पर डेयरी व्यवसायियों की बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि शहर के अंदर जितने भी डेयरी संचालित हो रहा है उसे शहर के बाहर संचालित करें। गोकुल नगर में जिन्हें भूमि आवंटित की गई है वे गोकुल नगर में डेयरी संचालित करें। साथ ही गोकुल नगर में जिनकी भूमि है और वे शहर में डेयरी का व्यवसाय कर रहे हैं उन्हें शहर का व्यवसाय बंद कर गोकुल नगर में आवंटित भूमि में व्यवसाय करने के निर्देश दिए।
गोकुल नगर की आवंटित भूमि होगी निरस्त
निगम आयुक्त डा. चतुर्वेदी ने कहा कि गोकुल नगर में डेयरी व्यवसाय के लिए ही भूमि आवंटित की गई है। लेकिन व्यवसायी शहर में ही व्यवसाय कर रहे हैं। इस पर आयुक्त ने कहा कि गोकुल नगर में जिनकी भूमि है, वो वहीं डेयरी का व्यवसाय करें। भूमि आवंटन के बाद भी इसका उपयोग नहीं करने पर उसकी भूमि का आवंटन निरस्त किया जाएगा। डेयरी व्यवसायी अपने मवेशियों को बांधकर रखे, खुला न छोड़ें। रोड पर मवेशी विचरण करने के कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। जिसे ध्यान में रखते हुए निगम द्वारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस ले जाया जा रहा है। बैठक में उपायुक्त सुदेश कुमार सिंह, गोधन न्याय प्रभारी अधिकारी व कार्यपालन अभियंता दीपक जोशी, प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी अजय यादव सहित निगम का अमला व डेयरी संचालक उपस्थित थे।