राजनांदगांव के गौरी नगर तालाब के पास गोवंश का कटा सिर मिला, भड़के विहिप समर्थक
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव स्थित गौरी नगर तालाब के पास गोवंश का कटा सिर मिलने से भारी आक्रोश फैल गया। इसके विरोध में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने मा...और पढ़ें
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 03:26:33 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 03:30:48 PM (IST)
प्रदर्शनकारियों को समझाते-बुझाते पुलिस अधिकारी। - नईदुनियाHighLights
- गौरी नगर तालाब पास मिला गोवंश कटा सिर
- मानव मंदिर चौक पर विहिप ने किया प्रदर्शन
- पुलिस ने 24 घंटे में दिया कार्रवाई आश्वासन
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के संस्कारधानी कहे जाने वाले राजनांदगांव शहर में बुधवार की सुबह उस वक्त भारी तनाव और आक्रोश की स्थिति निर्मित हो गई, जब गौरी नगर तालाब के किनारे गोवंश का कटा हुआ सिर मिला। धार्मिक आस्था और जनभावनाओं से जुड़े इस संवेदनशील मामले की खबर जंगल में आग की तरह पूरे शहर में फैल गई।
घटना के विरोध में हिंदू संगठनों ने तीखा रुख अख्तियार करते हुए जमकर नारेबाजी की और सड़कों पर उतर आए। हालात को बिगड़ते देख पुलिस व जिला प्रशासन के आला अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए और शहर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
सुबह स्नान के दौरान दिखा गोवंश का कटा सिर
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह स्थानीय नागरिक रोजाना की तरह गौरी नगर तालाब के पास स्नान और निस्तारी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ लोगों की नजर पानी के पास पड़े गोवंश के कटे सिर पर पड़ी। यह दृश्य देखते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और आक्रोश पनपने लगा। स्थानीय लोगों ने मामले की तत्काल सूचना क्षेत्रीय पार्षद और पुलिस को दी। प्राथमिक स्तर पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कटे सिर को एक सुरक्षित स्थान पर जमीन में दफना दिया गया था।
विहिप और बजरंग दल का मानव मंदिर चौक पर प्रदर्शन
जैसे ही इस घटना की भनक विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पदाधिकारियों को लगी, बड़ी संख्या में कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने दफनाए गए गोवंश के सिर को बाहर निकलवाया और इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद कार्यकर्ता जुलूस की शक्ल में शहर के हृदय स्थल मानव मंदिर चौक पहुंचे और वहां बैठकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। करीब एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण चौक के आसपास का यातायात पूरी तरह थम गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि शरारती तत्वों द्वारा शहर का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और धार्मिक भावनाएं भड़काने की नीयत से यह घिनौनी हरकत की गई है।
24 घंटे में आरोपियों पर कार्रवाई का मिला आश्वासन
प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित कार्यकर्ताओं से सीधी बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और मुखबिर तंत्र के जरिए संदिग्धों की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिया कि 24 घंटे के भीतर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त वैधानिक धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस ठोस आश्वासन के बाद कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त किया।
शहर में सुरक्षा बल तैनात, शांति बनाए रखने की अपील
फिलहाल शहर में शांति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर संवेदनशील चौराहों पर पुलिस बल तैनात रखा गया है। पुलिस विभाग ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने और शहर में शांति व आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि इस कृत्य को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्व कब तक सलाखों के पीछे पहुंचते हैं।