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सावन में बढ़ी चांदी के नाग-नागिन की चमक, शिव श्रृंगार पहली पसंद, नागपंचमी पर कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान

सावन माह की शुरुआत के साथ ही राजनांदगांव के सराफा बाजार में चांदी के नाग-नागिन के जोड़ों और शिव श्रृंगार की अन्य वस्तुओं की मांग में जोरदार तेजी आई है...और पढ़ें

By MIthlesh DewanganEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 10 Aug 2026 12:49:13 PM (IST)Updated Date: Mon, 10 Aug 2026 12:51:29 PM (IST)
सावन में बढ़ी चांदी के नाग-नागिन की चमक, शिव श्रृंगार पहली पसंद, नागपंचमी पर कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठान
भगवान भोले के ऋंगार के लिए चांदी के आभूषणों की मांग बढ़ी। एआई

HighLights

  1. सावन में चांदी के नाग-नागिन की मांग बढ़ी
  2. 40 तरह के अलग-अलग डिजाइन उपलब्ध हैं
  3. कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठानों को लेकर उत्साह।

नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। पवित्र सावन माह के शुरू होते ही छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव शहर के सराफा बाजार में भगवान शिव से जुड़ी धार्मिक और ज्योतिषीय वस्तुओं की खरीद-फरोख्त में तेजी देखने को मिल रही है। इस दौरान चांदी के नाग-नागिन के जोड़ों के अलावा बिल्वपत्र, त्रिशूल, त्रिपुंड, चंद्रमा और तिलक जैसे शिव श्रृंगार के विभिन्न प्रतीकों की बिक्री में इजाफा हुआ है।

आगामी 17 अगस्त को आने वाली नागपंचमी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं ने कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठानों के लिए अभी से अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिससे बाजार में रौनक बढ़ गई है।

महंगाई के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार

स्थानीय सराफा व्यापारी पारस सोनी के अनुसार, इस वर्ष नागपंचमी के अवसर पर सबसे अधिक मांग पांच से 10 ग्राम वजन वाले चांदी के नाग-नागिन के जोड़ों की बनी हुई है। हालांकि इस बार बाजार में चांदी के दाम बढ़े हुए हैं, लेकिन इसका असर श्रद्धालुओं की आस्था पर बिल्कुल भी नजर नहीं आ रहा है।


1000 के नाग नागिन 2250 तक पहुंचे

पिछले साल जो चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा लगभग 700 से 1000 रुपये में मिल जाता था, उसकी कीमत बढ़कर अब करीब 1600 से 2250 रुपये तक पहुंच चुकी है। इसके बावजूद, अधिक वजन वाले और आकर्षक जोड़े संपन्न वर्ग के ग्राहकों की पहली पसंद बने हुए हैं।

बाजार में उपलब्ध हैं करीब 40 प्रकार के नए डिजाइन

इस बार बाजार में ग्राहकों की जेब का ध्यान रखते हुए कम वजन वाले नाग-नागिन के जोड़ों की संख्या भी अधिक रखी गई है। वर्तमान में बाजार में लगभग 40 तरह के अलग-अलग आकर्षक डिजाइन उपलब्ध हैं, जिन्हें ग्राहक पसंद कर रहे हैं। इन जोड़ों के अतिरिक्त, नागाकार अंगूठियों की मांग में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई ग्राहक अपनी पसंद के अनुसार विशेष डिजाइन वाली अंगूठियों के ऑर्डर देकर उनका निर्माण भी करवा रहे हैं।

त्रिशूल और अन्य शिव श्रृंगार प्रतीकों की भी है मांग

सावन के इस पवित्र महीने में केवल चांदी ही नहीं, बल्कि तांबे और पीतल से बने त्रिशूलों की बिक्री भी तेज हो गई है। श्रद्धालु इन त्रिशूलों को अपने घरों में शिव प्रतिमा या शिवलिंग के समीप स्थापित कर रहे हैं। इसके साथ ही चांदी के चंद्रमा, त्रिपुंड, तिलक और धातु के बिल्वपत्र जैसे शिव श्रृंगार के तमाम प्रतीक भी बाजार की शोभा बढ़ा रहे हैं।

कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठानों में रुचि

पंडित विवेक मिश्रा (नया ढाबा शिव-हनुमान मंदिर) का कहना है कि नागपंचमी पर होने वाले कालसर्प दोष निवारण अनुष्ठानों को लेकर लोगों में रुचि है, जिसके लिए आवश्यक पूजन सामग्री की खरीदारी अभी से जोरों पर चल रही है।