विक्रम बाजपेयी, राजनांदगांव। राजनांदगांव में सामने आए मतांतरण प्रकरण ने अब बड़ा मोड़ ले लिया है, जहां अमेरिकी मिशनरी संस्था ‘द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई)’ का नेटवर्क गहराई तक फैला नजर आ रहा है।
जांच में राजफाश हुआ है कि प्रदेश में इस नेटवर्क का संचालन डेविड चाको जैसे कथित ‘मिशनरी कमांडर’ के जरिए किया जा रहा था, जो ‘पाल-टीमोथी’ समूहों को प्रशिक्षण देने के साथ आर्थिक गतिविधियों का भी अहम कड़ी था।
टीटीआई इन ट्रेवल वाउचर्स का नकद भुगतान कर रहा था
ट्रेवल वाउचर्स, विदेशी फंडिंग और संगठित प्रशिक्षण मॉड्यूल के जरिए प्रदेश के विभिन्न इलाकों में इस नेटवर्क के विस्तार की आशंकाएं अब जांच एजेंसियों के दायरे में हैं। आशंका है कि टीटीआई इन ट्रेवल वाउचर्स का नकद भुगतान कर रहा था, जिसके लिए विदेशी बैंकों के डेबिट कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे।
मतांतरण के लिए अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर रखा है
ईडी ने इसी मामले में बेंगलुरु एयरपोर्ट से टीटीआई से जुड़े मिकाह मार्क को गिरफ्तार किया है। राजनांदगांव में डेविड चाको के ठिकाने से पुलिस ने कई ट्रवल वाउचर्स बरामद किए थे। टीटीआई ने मतांतरण के लिए अलग प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार कर रखा है। इसके लिए कई किताबें तैयार की गई हैं।
सरगुजा-बस्तर संभाग के समूहों को प्रशिक्षण दिया करता था
डेविड चाको इसी मॉड्यूल पर छत्तीसगढ़ के सरगुजा-बस्तर संभाग सहित अलग अलग हिस्सों के समूहों को प्रशिक्षण दिया करता था। यह बात उसने स्वयं भी स्वीकार की है। आखिरी बार दिसंबर 2025 में ऐसा ही तीन दिवसीय प्रशिक्षण रायपुर में किया गया था, जबकि आठ जनवरी को राजनांदगांव के सुकुल दैहान पुलिस चौकी में डेविड के खिलाफ अवैध तरीके से मतांतरण के मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें मार्च 2026 में उसकी गिरफ्तारी की गई थी। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।
भुगतान के लिए होता था ट्रेवल वाउचर्स का इस्तेमाल
जानकारी है कि डेविड चाको पूरे प्रदेश में टीटीआई के ऑपरेशन हैंडल कर रहा था। इसमें पाल समूह तैयार करना और फिर उनसे टीमोथी समूह तैयार करवाने जैसे प्लान शामिल थे। उन्हें समय समय पर प्रशिक्षण सत्र में बुलाया जाता था। इस प्रशिक्षण में शामिल होने वालों को ट्रेवल वाउचर्स दिए जाते थे।
ये एक तरह का टोकन था, जिसके एवज में कई सुविधाएं मिलती थी। आशंका है कि इसके एवज में नकद रकम भी दी जा रही थी। इस रकम के पीछे का स्त्रोत टीटीआइ के होने की आशंका है
खुफिया एजेंसी भी जुटी थी पड़ताल में
प्रदेश में मतांतरण नेटवर्क के अहम किरदार के रूप में डेविड चाको सामने आया था। उसका नेटवर्क देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही अमेरिका तक सामने आया। वह छत्तीसगढ़ में इंडिया पेंटाकोस्टल चर्च का पास्टर है। इसके अलावा वह टीटीआइ से जुड़ा रहा। इस पूरे मामले की पड़ताल खुफिया एजेंसी भी कर रही थी।
राजनांदगांव पुलिस से भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई थी, जिसमें विदेशी फंडिंग और उससे जुड़े कई पहलुओं की जानकारी शामिल थी।
क्या है पाल-टीमोथी माडल
पाल और टीमाथी बाइबल के पात्र हैं, जो ईसाई धर्म का प्रचार करते थे। पाल-टीमोथी मॉडल एक बहुस्तरीय प्रशिक्षण माड्यूल है, जिसमें एक व्यक्ति दूसरे को प्रशिक्षित करता है और वह आगे कई लोगों को तैयार करता है। इसे मल्टीप्लायर सिस्टम कहा जाता है, जहां एक व्यक्ति कई लोगों को प्रभावित कर सकता है।
इसके लिए मैदानी लोगों का पहले भरोसा जीता जाता है फिर उन्हें बाइबल की कहानियों से प्रेरित करने के बाद आगे लोगों को जोड़ने कहा जाता है।
धमतरी से भी है डेविड का कनेक्शन
ईडी की जांच में सामने आया है कि पिछले छह महीने में धमतरी में भी काफी नगद रकम मिशनरी संस्था टीटीआइ द्वारा निकाली गई है। गौरतलब है कि डेविड चाको पूर्व में धमतरी में ही रहा करता था। जानकारी है कि अब भी उसका भाई वहीं निवासरत है। ऐसे में धमतरी में निकाली गई नकद रकम किसी दे गई इसकी जांच और महत्वपूर्ण हो जाती है।
क्या हुआ था धर्मापुर में
पांच जनवरी 2026 को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने राजनांदगांव जिला मुख्यालय से आठ किमी दूर धर्मापुर में डेविड चाको के बिल्डिंग को घेरने की कोशिश की। आरोप था कि वह यह प्रार्थना और चंगाई सभा चलाकर अवैध रुप से मतांतरण करवा रहा है।
इसके अलावा यहां 10 आदवासी किशोर-किशोरियों को अवैध तरीके से रखा गया था। मामले में पुलिस ने कार्रवाई की। बच्चों को संरक्षण गृह और वहां से उनके घर भेजा गया। बिल्डिंग की जांच में कई सामग्री बरामद की। इसमें महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कैलेंडर प्लान, ट्रैवल वाउचर्स और भी बहुत कुछ मिला। आठ जनवरी को डेविड के खिलाफ एफआईआर हुई। मार्च 2026 में उसे गिरफ्तार किया गया।
डेविड चाको से नईदुनिया ने की सीधी बात
- क्या आप अमेरिकी मिशनरी संस्था द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआइ) से जुड़े हुए हैं?
- जवाब : नहीं, मेरा इससे कोई संबंध नहीं है। पिछले साल दिसंबर में 16, 17 और 18 तारीख को रायपुर में तीन दिवसीय प्रशिक्षण हुआ था, जिसकी पूरी जानकारी मैं पुलिस को पहले ही दे चुका हूं। उस समय मैं प्रेसीडेंट कोऑर्डिनेटर था, इसके बाद यह पूरी गतिविधि बंद हो गई थी।
- तो आप इस समूह का हिस्सा न होने की बात कह रहे हैं?
- जवाब: मुझे ‘द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआइ)’ की ओर से प्रशिक्षण देने के लिए बुलाया जाता था, लेकिन अब मैं इस कार्य से पूरी तरह अलग हो चुका हूं। इसके अलावा मेरा इस संस्था से कोई लेना-देना नहीं है।
- क्या प्रशिक्षण के लिए उन्हें के माड्यूल का इस्तेमाल होता था?
- जवाब: हां, सभी प्रशिक्षण में इसका इस्तेमाल होता था। बाइबल तो पूरे देश में पढ़ाया जाता है।
- क्या आप इंडिया पेंटाकोस्टल चर्च से जुड़ा हुए हैं, धर्मापुर की बिल्डिंग वहीं की मदद से बनी है?
- डेविड चाको – हां मैं इंडिया पेंटाकोस्टल चर्च का छत्तीसगढ़ का पास्टर हूं। धर्मापुर की बिल्डिंग हमारा चर्च है। जनवरी 2026 में पुलिस की जांच शुरू होने के बाद से सब बंद है।