महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कोपर्शी जंगल में जमीन के नीचे छिपा रखा था हथियारों का जखीरा, पुलिस ने खोदकर निकाला
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कोपर्शी जंगल में माओवादियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई हथियार और विस्फोटक सामग्री पुलिस ने बरामद की है।
Publish Date: Wed, 07 Oct 2026 05:27:10 PM (IST)Updated Date: Wed, 07 Oct 2026 05:27:10 PM (IST)
HighLights
- जमीन की तलाशी में सामने आया जखीरा
- सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की थी तैयारी
- विस्फोटक सामग्री, कारतूस, संचार उपकरण मिले
नईदुनिया प्रतिनिधि, राजनांदगांव। महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे कोपर्शी जंगल में माओवादियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई हथियार और विस्फोटक सामग्री पुलिस ने बरामद की है। विशेष अभियान में पुलिस को छह हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, कारतूस और संचार उपकरण मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा के दुर्गम जंगल क्षेत्र में माओवादियों द्वारा हथियार और विस्फोटक सामग्री छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर पुलिस अधीक्षक गड़चिरोली एम. रमेश के मार्गदर्शन में विशेष अभियान दल की पांच टुकड़ियों और बीडीडीएस की दो टुकड़ियों को क्षेत्र में भेजा गया।
जमीन की तलाशी में सामने आया जखीरा
अभियान के दौरान बीडीडीएस जवानों ने जंगल की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान जमीन के नीचे छिपाकर रखी सामग्री बरामद हुई। इसमें एक .303 राइफल, दो सिंगल शाट राइफल, दो देसी पिस्तौल और एक बीजीएल लांचर शामिल है।
पुलिस ने 10 बीजीएल सेल, 21 जीवित कारतूस, सात डेटोनेटर, करीब 150 मीटर केबल वायर और दो मैगजीन भी बरामद की हैं। इसके अलावा दो कुकरी, तीन वाकी-टाकी, तीन वाकी-टाकी चार्जर और दो वाकी-टाकी बैटरियां भी मिली हैं।
सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की थी तैयारी
महाराष्ट्र पुलिस के अनुसार, माओवादी जंगल और दुर्गम क्षेत्र का लाभ उठाकर हथियार और विस्फोटक सामग्री तैयार कर उसे जमीन में छिपाते रहे हैं। इनका इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने और नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाता था। बरामद अन्य माओवादी सामग्री को भी मौके पर ही नष्ट किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई पुलिस अधीक्षक एम. रमेश के आदेश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष अभियान दल, प्राणहिता, आइएनटी सेल तथा बीडीडीएस के जवानों ने की।